रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में निलंबित IPS सदानंद कुमार के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। गृहविभाग द्वारा जारी आरोप पत्र में लिखा है कि सदानंद कुमार, निलंबित भापुसे (सीजी-2010) दिनांक 08.02.2024 से दिनांक 12.06.2024 तक पुलिस अधीक्षक जिला बलीबाजार-भाटापारा के पद पर पदस्थ थे।

इस अवधि के दौरान दिनांक 15-16 मई 2024 की दरम्यानी रात गिरौदपुरी धाम के अमरगुफा में सतनामी समाज के आस्था के प्रतीक 03 जैतखाम को काटकर फेंक दिये जाने तथा मंदिर के गेट को तोड़कर क्षतिग्रस्त किये जाने पर गिरौदपुरी चौकी में दर्ज अपराध क्रमांक 110/2024, धारा 295 भादवि में उचित पर्यवेक्षण किये बिना एवं प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में न रखकर सभी बिन्दुओं पर गहन विवेचना के बिना माननीय न्यायालय में दिनांक 05 जून 2024 को अभियोग पत्र पेश किया जाना पाया गया। आपका उक्त कृत्य अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम-1968 के नियम 3(2B)(xiii) का उल्लंघन है।

इस प्रकार सदानंद कुमार, निलंबित भापुसे (सीजी-2010) ने कर्तव्यनिष्ठ न रहने और सर्वोत्तम विवेक से कार्य न करने के कारण अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम-1968 के नियम 3 (2B) (xiii) का उल्लंघन किया।

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बता दें कि सदानंद कुमार छत्तीसगढ़ कैडर के 2010 बैच के आईपीएस है। वे मूलतः बिहार के रहने वाले हैंबीए व एमए में यूनिवर्सिटी टॉपर रहे सदानंद कुमार ने बीएड के शिक्षक की नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी की।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।