रायपुर। पाठ्य पुस्तकों की कीमतों में वृद्धि के विरोध में पालक और संगवारी समिति के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने पुस्तकों के मूल्य में वृद्धि को लेकर जमकर नारेबाजी की।  इस मामले में पालकों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए 72 घंटों के भीतर किताबों की मूल्यवृद्धि को कम करने का समय दिया है। अगर निर्धारित समय पर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

अपको बता दें कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों की कीमत में 80% तक वृद्धि की गई है जिसके विरोध में अब छात्रों के पालक सड़कों पर उतर आए हैं। पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी का इस मामले में कहना है कि जो मूल्य वृद्धि की गई है ये समिति का निर्णय था और जो हमारे सामने मांग आ रही है उसको समिति तक बहुत ही जल्द पहुंचा दिया जाएगा। यह समिति तय करेगी कि कितने प्रतिशत तक मूल्य कम करना है।

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संगवारी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि एक ओर सरकार मुफ़्त शिक्षा की बात करती है वहीं दूसरी ओर मनमाने ढंग से पुस्तकों की कीमत बढ़ाई जा रही है। आज इस मूल्यवृद्धि के विरोध में पाठ्यपुस्तक निगम का घेराव करते हुए महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया है। मूल्यवृद्धि वापस लेने हेतु  72 घंटे की मोहलत दी गई है 72 घंटे के अंदर में किताबों का रेट कम नहीं होने की स्थिति में आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकारी की होगी।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।