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CG Nursing College Recognition: छत्तीसगढ़ नर्सिंग शिक्षा पर बड़ा संकट, 30 कॉलेजों की मान्यता अटकी

CG Nursing College Recognition: छत्तीसगढ़ के नर्सिंग शिक्षा क्षेत्र में इन दिनों बड़ा हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटक जाने के कारण चालू शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मानकों […]

छत्तीसगढ़ नर्सिंग कॉलेज मान्यता संकट
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

CG Nursing College Recognition: छत्तीसगढ़ के नर्सिंग शिक्षा क्षेत्र में इन दिनों बड़ा हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटक जाने के कारण चालू शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मानकों पर खरे न उतरने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। इससे हजारों अभ्यर्थियों के दाखिले पर असमंजस के बादल मंडराने लगे हैं।

काउंसिल का कड़ा रुख और 23 अक्तूबर का अल्टीमेटम

छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने मानकों का उल्लंघन करने वाले 30 नर्सिंग कॉलेजों को अपनी कमियां दूर करने के लिए 23 अक्तूबर तक की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) दी है। काउंसिल ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो चालू सत्र में इन कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाएगी।

122 कॉलेजों की अंतिम सूची जारी, 30 पर फैसला बाकी

दावे और आपत्तियों के निराकरण के बाद काउंसिल ने शनिवार को काउंसलिंग के लिए पात्र 122 नर्सिंग कॉलेजों की अंतिम सूची जारी कर दी थी। हालांकि, 30 संस्थानों की मान्यता संबंधी प्रक्रिया अब भी फंसी हुई है। इनमें से 17 कॉलेजों के उपयुक्तता नवीनीकरण के आवेदन सीधे निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 13 संस्थानों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया था।

दाखिले की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर तक बढ़ी

मान्यता प्रक्रिया में हो रही इस देरी और गड़बड़ियों के बीच छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए काउंसिल ने दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश और काउंसलिंग की अंतिम समयसीमा 31 अक्तूबर तय की गई है। इस बढ़ी हुई समयसीमा के कारण कॉलेजों को औपचारिकताएं पूरी करने का एक अंतिम अवसर तो मिला है, लेकिन छात्रों के दिल की धड़कनें तेज हैं।

निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियां

नर्सिंग कॉलेजों के भौतिक और प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान जांच दल को व्यापक अनियमितताएं मिलीं। नर्सिंग शिक्षा के तय मानकों के अनुसार संस्थानों में शिक्षक और विद्यार्थी का 1:10 का अनुपात होना अनिवार्य है। लेकिन जांच में कई कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों और ट्यूटर्स की भारी कमी पाई गई, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

अस्पतालों की एनओसी और फीस रसीदों का अभाव

जांच दल के निरीक्षण में कई संस्थान चालू शैक्षणिक सत्र के लिए संबद्ध अस्पतालों से संबंधित अनिवार्य क्लिनिकल अनुमति पत्र (NOC) प्रस्तुत करने में विफल रहे। इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान कुछ कॉलेजों के पास पिछले शैक्षणिक सत्र की फीस रसीदें तक उपलब्ध नहीं थीं। इन आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों की अनुपस्थिति के कारण ही काउंसिल ने मान्यता रोकने का कदम उठाया।

ऑनलाइन पोर्टल और भवन संबंधी अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ ट्यूटर एंड स्टूडेंट्स’ पोर्टल पर अधूरी जानकारी दर्ज करने का मामला भी उजागर हुआ। कई संस्थानों ने अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट ही नहीं किया था। जांच में कुछ शिक्षकों का शैक्षणिक अनुभव एक वर्ष से भी कम पाया गया, जो कि तय नियमों के पूरी तरह विपरीत है। इसके अलावा, कई कॉलेज अपने भवन से संबंधित संपत्ति कर भुगतान की रसीदें दिखाने में असमर्थ रहे।

समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा अंतिम निर्णय

छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने साफ कर दिया है कि केवल शिक्षकों की संख्या पूरी कर लेना ही काफी नहीं होगा। कॉलेजों को शिक्षकों का पंजीयन, अनुभव प्रमाणपत्र, संबद्ध अस्पतालों की अनुमति और भवन के वैधानिक दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त करने होंगे। 23 अक्तूबर को प्राप्त होने वाली अनुपालन रिपोर्ट की गहन समीक्षा के बाद ही इन 30 कॉलेजों के भविष्य और मान्यता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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