Chhattisgarh Monsoon 2026: दंतेवाड़ा के रास्ते छत्तीसगढ़ में मानसून ने तो दस्तक दे दी है, लेकिन ये एंट्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मानसून करीब 7 दिन की देरी से प्रदेश में पहुंचा है और इसका असर भी काफी धीमा है। राज्य में बारिश का कोटा अब तक 69 फीसदी तक खाली है।

आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से अब तक राज्य में 108.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, मगर सिर्फ 33.2 मिमी पानी ही बरस पाया है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए संभलकर रहने की जरूरत है। मानसून की पहली बूंदें बस्तर को मिली हैं। फिर भी यहां का हाल सामान्य से काफी दूर है।

  • बस्तर: 142.7 मिमी के मुकाबले 74.8 मिमी (48% कम)
  • दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी के मुकाबले 49.9 मिमी (54% कम)
  • सुकमा: 60.3 मिमी के मुकाबले 54% कम बारिश दर्ज हुई है।
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मध्य छत्तीसगढ़ में बढ़ा संकट

रायपुर, दुर्ग और महासमुंद जैसे इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजधानी रायपुर में 90.1 मिमी के मुकाबले सिर्फ 25.3 मिमी बारिश हुई है, जो कि 72% का बड़ा घाटा है। वहीं राजनांदगांव में तो हालात और भी बुरे हैं, वहां 92% तक बारिश की कमी देखी जा रही है। मोहला-मानपुर-चौकी में तो आंकड़ा 95% के घाटे पर पहुंच चुका है।

खरीफ फसलों के लिए अगले 10 दिन निर्णायक

खेती-किसानी के जानकारों की मानें तो अभी तक खेतों में बुवाई के लिए जरूरी नमी नहीं मिल पाई है। मानसून की ये सुस्त चाल किसानों के लिए बड़ी मुसीबत है। अगर जून के आखिरी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ सीजन पर गहरा असर पड़ सकता है।

फिलहाल बिलासपुर में पारा 39 डिग्री के आसपास है, जिससे गर्मी का अहसास अभी भी बना हुआ है। वहीं राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद जताई गई है। तापमान 35 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।