टीआरपी डेस्क। जुलाई का महीना आने वाला है और अगर आप घर की छत डलवाने या लकड़ी जमा करने का सोच रहे हैं, तो जरा रुक जाइए। सनातन धर्म में पंचक को बेहद अशुभ माना गया है और जुलाई के महीने में इसका साया दो बार पड़ेगा।

ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करते हैं, तब पंचक की अवधि शुरू होती है। इस दौरान किए गए कुछ कामों से घर में क्लेश और धन की हानि का खतरा बना रहता है।

जुलाई में कब-कब रहेगा पंचक का साया?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, जुलाई 2026 में पंचक का असर दो बार दिखेगा।

  • पहला पंचक: 3 जुलाई की रात 12 बजकर 48 मिनट से शुरू होगा और 8 जुलाई की शाम 4 बजे तक रहेगा।
  • दूसरा पंचक: 31 जुलाई की सुबह 6 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 4 अगस्त तक बना रहेगा।

क्या न करें इन दिनों में?

पुराने जानकारों और ज्योतिष की मानें तो पंचक के दौरान कुछ चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर है।

  • छत डलवाना: घर की छत बनवाना या लकड़ी-ईंधन इकट्ठा करना बिल्कुल मना है। इससे घर में तनाव बढ़ सकता है।
  • साजो-सामान की खरीदारी: नए पलंग या बेड खरीदना इस दौरान शुभ नहीं माना जाता।
  • दक्षिण की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें, क्योंकि इसे यम की दिशा माना गया है। बहुत जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले नियम जरूर जान लें।

सूत्रों के मुताबिक, धार्मिक मान्यताओं में इस काल का विशेष महत्व है। अगर इस दौरान किसी की मृत्यु हो जाए, तो परिवार पर संकट न आए, इसके लिए आटे के पांच पुतले बनाकर दाह संस्कार के साथ जलाने का विधान है। इसे ही पंचक शांति कहा जाता है।

क्या शुभ काम किए जा सकते हैं?

सब कुछ पूरी तरह बंद नहीं रहता। आप सरकारी काम निपटा सकते हैं। अदालती मामलों में भी ये दिन रुकावट पैदा नहीं करते। अगर कोई त्योहार जैसे रक्षाबंधन बीच में आता है, तो उसे बेझिझक मनाया जा सकता है। शुभ नक्षत्रों के दौरान शादी-विवाह या सगाई के लिए पंडित जी से सलाह ली जा सकती है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।