तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से होगा 920 करोड़ का भुगतान

टीआरपी। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के वनांचलों में ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत इस वर्ष लगभग 920 करोड़ रुपये का संभावित भुगतान किया जाएगा। राज्य के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए संग्रहण दर को बढ़ाकर अब 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया गया है।

तेंदूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ के आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य आधार है। दरों में वृद्धि और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में नए फड़ों की स्थापना से न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सीधे बैंक खातों में भुगतान (DBT) से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

संग्रहण दर में ऐतिहासिक वृद्धि और लक्ष्य
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार, राज्य सरकार ने संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी है। वर्ष 2026 में प्रदेश की 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के तहत 902 प्राथमिक समितियों में संग्रहण कार्य किया जाना है। इस साल लगभग 15 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।

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क्षेत्रवार संग्रहण का विवरण
बस्तर संभाग: 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में 4 लाख मानक बोरा का लक्ष्य। इस वर्ष बस्तर में संग्राहक परिवारों की संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है।

अन्य संभाग: 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण की संभावना है।
नये प्रयास: नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ स्थापित किए गए हैं। सुकमा और केशकाल में भी फड़ों की संख्या बढ़ाई गई है।

संग्रहण दर: ₹5,500 प्रति मानक बोरा (पहले ₹4,000 था)।
कुल लाभार्थी: 13 लाख से अधिक परिवार।
संभावित भुगतान: ₹920 करोड़ (सीधे बैंक खाते में)।
मानक बोरा माप: 1 मानक बोरा = 1000 गड्डियां (प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते)।

राज्य शासन ने संग्रहण कार्य को सुगम बनाने के लिए कार्ड, बोरा, सुतली और गोदाम जैसी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तेंदूपत्ता के भंडारण का बीमा भी कराया जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। पारदर्शी भुगतान के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली के माध्यम से संग्राहकों को समय पर राशि का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाएगा।

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रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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