टीआरपी डेस्क। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सफर करने का सपना देख रहे लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को उद्घाटन किए जाने के बाद उम्मीद थी कि एक-डेढ़ महीने में जहाज उड़ने लगेंगे, लेकिन ताजा अपडेट के अनुसार गृह मंत्रालय ने सुरक्षा क्लीयरेंस के एक अहम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

विदेशी सीईओ पर फंसा मामला

दरअसल, पूरा विवाद एयरपोर्ट की संचालक कंपनी यापल (YIAPL) के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन को लेकर है। सूत्रों ने बताया कि श्नेलमैन स्विस नागरिक हैं, जबकि भारतीय सुरक्षा नियमों के मुताबिक किसी भी एयरपोर्ट के सीईओ पद पर भारतीय नागरिक की नियुक्ति अनिवार्य है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने गृह मंत्रालय से विदेशी नागरिक को छूट देने की सिफारिश की थी, जिसे सुरक्षा कारणों और आईबी की रिपोर्ट के बाद सिरे से खारिज कर दिया गया है।

नियमों के तहत ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के टॉप मैनेजमेंट में भारतीय नागरिक का होना जरूरी है। यापल ने 8 मार्च को सुरक्षा मंजूरी के लिए आवेदन किया था, जो अब तक लटका हुआ है। अब कंपनी को या तो सीईओ बदलना होगा या फिर नियमों के तहत कोई दूसरा रास्ता तलाशना होगा, जिसमें समय लगेगा।

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प्रशासन की अगली तैयारी

मिली जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय के इस सख्त रुख के बाद अब विमानन मंत्रालय और यापल के बीच बैठकों का दौर शुरू होगा। जब तक सीईओ पद पर किसी भारतीय नागरिक की मुहर नहीं लगती या विशेष अनुमति नहीं मिलती, तब तक नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो सुरक्षा प्रोग्राम को हरी झंडी नहीं देगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।