लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में अव्वल छत्तीसगढ़

रायपुर। प्रदेश के वनवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में वर्तमान में समर्थन मूल्य पर 65 लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार का यह फैसला वनाचंल के वनवासियों तथा आदिवासियों के हित में अहम् साबित हो रहा है। लघु वनोपजों की संख्या में वृद्धि होने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

इस तारतम्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में देश का 74 प्रतिशत लघु वनोपज संग्रहित होता है, जो देश में अव्वल है। सरकार ने संग्राहकों के हित में लघु वनोपजों की संख्या में 9 गुना वृद्धि करते हुए 7 से बढ़ाकर 65 लघु वनोपजों की खरीदी करने का निर्णय लिया। यही कारण है कि इन चार सालों में संग्राहकों की संख्या में भी 4 गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है, वर्ष 2018-19 में संग्राहकों की संख्या 1.5 लाख थी जो आज बढ़कर 6 लाख हो गई है।

See also  CG News: सर्विस राइफल से चली गोली, आईटीबीपी का जवान घायल, रायपुर रेफर

इस दौरान लघु वनोपज संग्रहण पारिश्रमिक वर्ष 2019-20 में 23 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि का भुगतान संग्रहकों को किया गया। इसी तरह वर्ष 2020-21 में 158 करोड़ 65 लाख रूपए़, वर्ष 2021-22 में 116 करोड़ 79 लाख रूपए और वर्ष 2022-23 में (जनवरी 2023 की स्थिति में) 57 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि का भुगतान संग्राहकों को किया जा चुका है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में चार वर्षों में 356 करोड़ 44 लाख रूपए मूल्य का लघु वनोपज क्रय किया गया।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।