रायपुर। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ निवासी मांगीलाल पर लगा राजद्रोह का मामला जल्द ही वापस लिया जाएगा। इसकी घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की।

उनको जैसे ही पता चला कि बिजली कटौती को लेकर एक वॉयरल वीडियो के मामले में आरोपी मांगीलाल पर राजद्रोह की धारा 124 ए और सरकार के दुष्प्रचार की धारा 505/1/2 के तहत मामला कायम किया गया है।

सीएम ने इसको तत्काल संज्ञान में लेते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी से फोन पर बात की और अपनी नाराजगी से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा।

अब ये उम्मीद लगाई जा रही है कि उसके एफआईआर से राजद्रोह का मामला हटा लिया जाएगा। सीएम बघेल ने कहा कि वे अभिव्यक्ति की आजादी के पक्षधर हैं। तो वहीं ये भी माना जा रहा है कि इसके माध्यम से उन्होंने लोकसभा में किए गए अपने वादों में से एक और वादे को निभाया है।

क्या बोले मुख्यमंत्री बघेल:

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोगों का अधिकार है और हम इसके प्रबल पक्षधर हैं। इस तरह के कार्य पूर्व की सरकार की परम्परा रही है।

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हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रबल पक्षधर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से भी अपील की है वो अभिव्यक्ति के दौरान संयम बरते। उन्होंने राजद्रोह के मामले को तत्काल वापस लेने तथा भविष्य में इस तरह की घटना न हो इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश संबंधितों को दिए हैं।

क्या था पूरा मामला :

हुआ ये कि राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित मुसरा में रहने वाले मांगीलाल अग्रवाल ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।

मांगीलाल ने कहा, एक इन्वर्टर कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की सेटिंग हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार को पैसा दिया गया है। करार के मुताबिक घंटे दो घंटे में 10 से 15 मिनट के लिए लाईट कटौती होती रहेगी तो इन्वर्टर बिक्री बढ़ेगी।

वीडियो के वायरल होने के बाद पावर कंपनी ने अपने विधिक सलाहकार एनकेपी सिंह की सलाह पर पुलिस में 53 वर्षीय मांगीलाल के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में पुलिस ने मांगीलाल के खिलाफ राजद्रोह की धारा 124 अ और सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार की धारा 505/1/2 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़:

छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां सोशल मीडिया में कोई वीडियो वायरल करने पर कार्रवाई की गई है। जहां किसी के खिलाफ राजद्रोह की धारा 124 ए के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

धारा 124 अ हटाने घोषणापत्र में किया था वादा :

राजद्रोह की जिस धारा 124 ए के तहत मांगीलाल को गिरफ्तार किया गया है। उसी राजद्रोह की धारा 124 ए के दुरुपयोग को आधार बना कर कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में हटाने का वादा किया था।

इसे लेकर देश भर में जमकर बवाल मचा था। भाजपा ने कांग्रेस के घोषणापत्र के इस वादे को अपना हथियार बना कर चुनाव में इसे जमकर भुनाया था। हालांकि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस राजद्रोह की धारा के तहत कार्रवाई की गई। तो वहीं प्रदेश के मुखिया ने इसको तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।