CSPGCL IPO: छत्तीसगढ़ में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार द्वारा बिजली वितरण के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस देने और सरकारी बिजली कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनसुविधा को ताक पर रखकर निजी कंपनियों को मुनाफा पहुंचाने का काम कर रही है।
दीपक बैज ने कहा कि बिजली वितरण एक अत्यंत आवश्यक सार्वजनिक सेवा है, जिस पर पूरी तरह से सरकार का सीधा नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती रमन सरकार ने पहले इस सरकारी विभाग को कंपनी में बदला और अब वर्तमान साय सरकार बिजली सप्लाई का लाइसेंस बांटने और आईपीओ के जरिए कंपनी का निजीकरण करने में जुटी है।
शेयर बाजार में लिस्टिंग और अडानी को सौंपने की साजिश का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) के 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) और बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग कराने के कैबिनेट फैसले पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी का आईपीओ (IPO) लाने का फैसला हो चुका है और अब शेयर बाजार के जरिए कंपनी को निजी हाथों में ढकेला जा रहा है।
दीपक बैज ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियां आत्मनिर्भर हैं और राज्य के पास बिजली उत्पादन के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए पिछले दरवाजे से बिजली कंपनी के शेयर उद्योगपतियों, विशेषकर अडानी समूह को सौंपने का षड़यंत्र रच रही है।
‘महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के बाद अब कंपनी बेचने की तैयारी’
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता पर पहले ही महंगी बिजली दरें थोप दी गई हैं। 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को बंद करने और स्मार्ट मीटर के नाम पर बेतहाशा वसूली करने के बाद भी सरकार विद्युत कंपनी की आर्थिक स्थिति नहीं सुधार पाई।
बैज ने आगे कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों को बेचना भारतीय जनता पार्टी की पुरानी नीति रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने देश के 27 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया और अब छत्तीसगढ़ की साय सरकार प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मानी जाने वाली बिजली कंपनी को बेचने की राह पर चल पड़ी है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
FAQ:
प्रश्न 1: दीपक बैज ने बिजली सप्लाई में निजी क्षेत्र की एंट्री का विरोध क्यों किया है?
उत्तर: दीपक बैज के अनुसार, बिजली वितरण एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा है जिस पर सरकार का प्रत्यक्ष नियंत्रण होना चाहिए। निजी कंपनियों के आने से उनका ध्यान सिर्फ अपने मुनाफे पर रहेगा, जनसुविधा पर नहीं।
प्रश्न 2: साय सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी (CSPGCL) को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया है?
उत्तर: सरकार ने CSPGCL को आम जन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर शेयर बाजार में लिस्टेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रश्न 3: कांग्रेस ने बिजली कंपनी के शेयरों की बिक्री को लेकर क्या गंभीर आरोप लगाया है?
उत्तर: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार आर्थिक कुप्रबंधन के चलते बिजली कंपनी के शेयर निकालकर पिछले दरवाजे से इसे अडानी और अन्य बड़े उद्योगपतियों को सौंपना चाहती है।
प्रश्न 4: आम जनता से जुड़ी किन योजनाओं और बदलावों का जिक्र दीपक बैज ने किया?
उत्तर: उन्होंने 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को बंद करने, महंगी बिजली दरों और स्मार्ट मीटरों के जरिए हो रही बेतहाशा वसूली का मुद्दा उठाया।
प्रश्न 5: क्या इससे पहले भी पावर कंपनी के किसी हिस्से का IPO लाने का निर्णय हुआ है?
उत्तर: जी हां, दीपक बैज के अनुसार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी का आईपीओ (IPO) पहले ही लाने का फैसला हो चुका है।


