Tara Coal Block: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अडानी समूह को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए केंद्र को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को भेजा गया था, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने इसे नीलामी से अलग रखने की मांग की थी।
पिछली कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया था हलफनामा
दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि जुलाई 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि हसदेव क्षेत्र में नए खदानों की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अक्टूबर 2023 में केंद्र सरकार ने तारा कोल ब्लॉक को नीलामी प्रक्रिया से हटा दिया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इसे फिर से प्रक्रिया में लाया गया।
अडानी समूह की सब्सिडियरी को मिला ब्लॉक
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी ‘सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड’ को मिली है, जो कि अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड की सहयोगी कंपनी ‘मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड’ की सब्सिडियरी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के संरक्षण में छत्तीसगढ़ के जल, जंगल और जमीन को सौंपा जा रहा है।
पर्यावरण और हाथियों के कॉरिडोर पर मंडराता खतरा
तारा कोल ब्लॉक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल शामिल है। इसके कारण 10 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने की आशंका है। इसके साथ ही लेमरू एलीफेंट रिजर्व के पास खनन होने से हाथियों के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
विधानसभा प्रस्ताव और डीनोटिफाइड ब्लॉक का मुद्दा
बैज ने याद दिलाया कि 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया था कि हसदेव-अरण्य में किसी नए कोल ब्लॉक की नीलामी न हो। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनता के हितों को ताक पर रखकर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
- छत्तीसगढ़ सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था।
- तारा कोल ब्लॉक की नीलामी CG Syn-Gas and Chemicals Limited कंपनी को मिली है? जो अडानी समूह से जुड़ी कंपनी की सब्सिडियरी है।
- तारा कोल ब्लॉक लगभग 5000 एकड़ में फैला है और इसके कटने से 10 लाख से अधिक पेड़ प्रभावित होंगे।
- कांग्रेस सरकार ने जुलाई 2023 में हलफनामा दिया था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नए खदान के आवंटन की आवश्यकता नहीं है।
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में हसदेव-अरण्य के कोल ब्लॉकों को लेकर सर्वसम्मति प्रस्ताव 26 जुलाई 2022 को पारित किया गया था।



