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CG Politics: “मुख्यमंत्री का दौरा सिर्फ फोटो और रील तक सीमित…” बस्तर बाढ़ पर दीपक बैज बोले- मदद के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

Bastar Flood Crisis: छत्तीसगढ़ का पूरा बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष भी भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस आपदा के कारण लोगों के मकान, गृहस्थी का सामान, पशुधन और लाखों एकड़ में फैली तैयार फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। […]

Chhattisgarh Pradesh Congress Committee President Deepak Baij
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Bastar Flood Crisis: छत्तीसगढ़ का पूरा बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष भी भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस आपदा के कारण लोगों के मकान, गृहस्थी का सामान, पशुधन और लाखों एकड़ में फैली तैयार फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूट जाने और पुल-पुलियों के बह जाने से स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर संकट के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर भी तेज हो गया है।

मुख्यमंत्री के बस्तर दौरे पर दीपक बैज का तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के बस्तर दौरे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा बेहद संवेदनहीन और केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों की पीड़ा को गंभीरता से लेने के बजाय केवल पुल पर खड़े होकर फोटो खिंचवाने और रील बनवाने का काम किया, जिससे स्थानीय जनता में भारी निराशा और आक्रोश है।

‘सिंगापुर जाने की जल्दी थी, बाढ़ पीड़ितों की सुधि नहीं ली’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बस्तर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री को सिंगापुर जाने की जल्दी थी और वे इन्वेस्टर कनेक्ट के बहाने वहां की यात्रा पर निकल गए। उन्होंने कहा कि बस्तर का आम नागरिक इस वक्त संकट के दलदल में फंसा हुआ है, लेकिन न तो मुख्यमंत्री को और न ही उनके मंत्रियों को जनता की कोई फिक्र है। बाढ़ के दौरान हुई आठ लोगों की मौतों के मामले में भी सरकार की तरफ से किसी विशेष आर्थिक सहायता या मुआवजे की घोषणा न किए जाने पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया।

राहत शिविर बंद, प्रभावितों के सामने भोजन और राशन का संकट

दीपक बैज ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों को नाकाफी बताते हुए कहा कि प्रशासन ने मदद के नाम पर सिर्फ जले पर नमक छिड़का है। अब राहत शिविरों को भी बंद कर दिया गया है, जिसके चलते लोग जब अपने घरों में लौट रहे हैं तो वहां उनके खाने के लिए न तो राशन है, न गैस और न ही जलाने के लिए लकड़ी। ऐसे में लोगों की भुखमरी की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने आगे आकर उनके भोजन की व्यवस्था की है।

मकान और फसल नुकसान के मुआवजे को नाकाफी बताया

सरकार द्वारा दिए जा रहे मुआवजे पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि घरों की पूर्ण क्षति पर 5 लाख रुपए और आंशिक क्षति पर 1 लाख रुपए दिए जाएं, क्योंकि वर्तमान में मिल रही 1.20 लाख और 4 हजार रुपए की राशि बहुत कम है। उन्होंने किसानों के लिए भी मांग की कि प्रति एकड़ धान के समर्थन मूल्य के हिसाब से 65,100 रुपए का मुआवजा दिया जाए, प्रभावित किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए तथा पशुओं और घरेलू सामान के नुकसान का भी उचित आकलन करके मुआवजा दिया जाए।

ओमान और बांध के पानी छोड़ने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

दीपक बैज ने कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर में बाढ़ के हालात और अधिक गंभीर हो गए थे। जब मुख्यमंत्री दिल्ली में ओडिशा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर रहे थे, तब उन्हें इस गंभीर मुद्दे पर कड़ी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी, लेकिन वहां भी इस विषय पर चुप्पी साध ली गई। उन्होंने मांग की कि बस्तर संभाग में बाढ़ से टूटे हुए पुल-पुलियों और अन्य बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए सरकार को एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।

स्वास्थ्य और बच्चों की पढ़ाई को लेकर प्रशासन से विशेष मांग

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पैदा हो रहे गंभीर स्वास्थ्य संकट को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई है। दीपक बैज ने मांग की कि बाढ़ के बाद फैलने वाले जलजनित संक्रमणों और बीमारियों को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल शिविर लगाए जाएं। इसके अलावा, बच्चों की बाधित हो रही पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए उन्हें मुफ्त में कॉपी-किताबें और स्कूल बैग उपलब्ध कराए जाएं तथा लोगों के खोए या नष्ट हुए जरूरी दस्तावेजों को बनवाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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