Raipur Festival Market Guidelines: त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है, लेकिन इसके साथ ही शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या भी विकराल रूप ले लेती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस साल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
त्योहारों के दौरान प्रमुख बाजारों और मुख्य सड़कों पर अवैध रूप से अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सड़क पर दुकान लगाता पाया जाता है, तो उसका सामान जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
निगम और पुलिस का संयुक्त सर्वे शुरू
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम और यातायात पुलिस ने मिलकर शहर के विभिन्न इलाकों में खाली जमीनों और मैदानों का सर्वे शुरू कर दिया है। नवरात्र के पहले दिन से ही कड़े कार्रवाई अभियान की शुरुआत कर दी जाएगी। प्रशासन ने संभावित भीड़ और जाम के संकट कोभांपते हुए व्यापारियों के साथ बातचीत का दौर भी शुरू कर दिया है, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें और किसी को असुविधा न हो।
पार्किंग और मार्किंग के कड़े नियम
दुकानदारों के साथ-साथ खरीदारों के लिए भी यातायात के सख्त नियम तय किए गए हैं। बाजारों में दुकानों के ठीक सामने सड़क पर 5 फीट की दूरी पर मार्किंग की जाएगी। इस निश्चित सीमा के बाहर वाहन खड़ा करने पर नो-पार्किंग के तहत जुर्माना काटा जाएगा। यदि बार-बार समझाइश देने के बाद भी वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हैं, तो उनके वाहन क्रेन की मदद से उठा लिए जाएंगे।
ई-चालान और डिजिटल सख्ती
सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े चार पहिया वाहनों या बड़ी गाड़ियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने अनोखा तरीका अपनाया है। अब सड़क पर खड़ी लावारिस या गलत तरीके से पार्क की गई कार के शीशे पर सीधे ई-चालान की कॉपी चस्पा की जाएगी। यह डिजिटल और प्रत्यक्ष कार्रवाई वाहन चालकों को नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए काफी असरदार साबित होगी, जिससे लोग सुधर सकें।
वैकल्पिक जगहों पर शिफ्ट होंगे बाजार
दिवाली से तीन-चार दिन पहले शहर के प्रमुख बाजारों में 4 हजार से अधिक अस्थायी दुकानें सजती हैं। आसपास के गांवों और अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में विक्रेता यहां पहुंचते हैं। खरीदारों की भीड़ और वाहनों के कारण सड़कें इतनी संकरी हो जाती हैं कि निकलना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए इस बार दुकानों को मुख्य सड़कों से हटाकर आसपास की खाली जगहों पर बसाया जा रहा है, ताकि दुकानदारों का व्यापार प्रभावित न हो और यातायात सुचारू रहे।
व्यापारियों की चिंता और प्रशासन का रुख
कार्रवाई की सुगबुगाहट के बीच कई व्यापारी अपनी दुकानों और भवनों के आगे के हिस्से खुद हटाकर निगम को सहयोग दे रहे हैं ताकि नुकसान कम से कम हो। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि ठीक नवरात्र और दीपावली से पहले की गई इस कार्रवाई से उनका मुख्य कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके उलट, शहर में पिछले 10 वर्षों से सड़क किनारे कारोबार रोकने के दावे कागजों तक सीमित रहे हैं। राजनीतिक दबाव के कारण हर बार दुकानें सज जाती हैं, लेकिन इस बार ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाने का पूरा मन बना लिया है।
कहां-कहां शिफ्ट होंगे अस्थायी बाजार?
जनता और दुकानदारों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों के वैकल्पिक स्थलों की सूची जारी कर दी है:
पंडरी: लोधीपारा चौक के आसपास का बाजार प्रगति मैदान, हाट सब्जी बाजार, मंडी गेट रोड और मोवा ओवरब्रिज के नीचे लगेगा।
शंकर नगर: बीटीआई मैदान, शंकर नगर चौपाटी और आसपास की खाली जगहों का उपयोग किया जाएगा।
भाठागांव और पुरानी बस्ती: भाठागांव का बाजार नए बस टर्मिनल के सामने और पुरानी बस्ती का बाजार महिला समृद्धि, आउटर डोर स्टेडियम व धरना स्थल पर शिफ्ट होगा।
अन्य क्षेत्र: लाखेनगर (ईदगाहभाठा मैदान), आमापारा (घासीदास प्लाजा के सामने), तेलघानी नाका (गंज मंडी मैदान), खमतराई (ओवरब्रिज के नीचे), देवेंद्र नगर (मंडी गेट के पीछे सब्जी बाजार), और कालीबाड़ी (उत्कल बस्ती के पास)।
प्रशासनिक चेतावनी और निष्कर्ष
यातायात विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। डीएसपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने दो टूक कहा है कि सड़क किनारे लगने वाले सभी अस्थायी बाजारों को हटाया जाएगा और उन्हें तयशुदा खाली मैदानों में ही जगह मिलेगी। यदि इस व्यवस्था के बाद भी कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



