Chhattisgarh Government Scheme: छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर मजबूत करने के लिए राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के जरिए किसानों को बकरी और बकरा पालन की इकाई स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य पशुपालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में बढ़ावा देना है।
योजना के तहत एक इकाई में कुल 15 पशु शामिल किए जाते हैं। इसमें 13 बकरियां और 2 बकरे रखे जाते हैं। विभाग के अनुसार इस पूरी इकाई की अधिकतम लागत करीब 1 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित है। इस राशि में पशुओं की खरीद के साथ उनके बीमा और शुरुआती आहार एवं देखभाल से जुड़ा खर्च भी शामिल किया जाता है।
बकरी और बकरे की खरीद के लिए तय राशि
योजना के प्रावधान के अनुसार एक बकरी की खरीद के लिए करीब 7,500 रुपये और एक बकरे के लिए लगभग 12,000 रुपये तक का प्रावधान है। इसके अलावा पशुओं के बीमा के लिए करीब 7,500 रुपये और शुरुआती भोजन एवं देखभाल के लिए लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक की राशि का प्रावधान बताया गया है। इस तरह पूरी इकाई के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की व्यवस्था की जाती है।
सामान्य वर्ग को 25 फीसदी अनुदान
राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना में अलग-अलग वर्गों के लिए अनुदान का प्रावधान है। सामान्य और पिछड़ा वर्ग के किसानों को इकाई की लागत पर 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए यह अनुदान 33 प्रतिशत तक हो सकता है। अधिकतम करीब 50 हजार रुपये तक सब्सिडी मिलने की जानकारी दी गई है।
कब कर सकते हैं आवेदन?
पशुपालन विभाग के अनुसार योजना का लक्ष्य प्राप्त होने के बाद किसान आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में रायपुर जिले में यह योजना संचालित है। इसलिए इच्छुक किसानों को अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या औषधालय से जानकारी लेनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें भूमि से संबंधित दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी या पासबुक की प्रति प्रमुख रूप से शामिल है। आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है। इसके बाद चयनित किसानों को योजना का लाभ दिया जाता है।
कैसे करें आवेदन
- पशु चिकित्सालय से संपर्क: सबसे पहले आपको अपने नजदीकी शासकीय पशु चिकित्सालय (Veterinary Hospital) या ब्लॉक के पशुधन विकास विभाग के कार्यालय में जाना होगा।
- फॉर्म प्राप्त करना: वहां से योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और उसे सही-सही भरें।
- दस्तावेज जमा करना: भरे हुए फॉर्म के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को संलग्न कर वहीं जमा करें।
- जांच एवं चयन: विभाग द्वारा आपके आवेदनों की जांच की जाएगी, जिसके बाद पात्रता के आधार पर चयन करके बैंक लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों के लिए स्वरोजगार का अवसर
बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय का साधन बन सकता है। सरकार की इस योजना के जरिए पशुओं की खरीद के साथ बीमा और शुरुआती आहार के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। किसानों के लिए जरूरी है कि वे योजना की वर्तमान पात्रता, जिले का लक्ष्य, आवेदन की तारीख और अनुदान की वास्तविक राशि की जानकारी संबंधित पशुपालन कार्यालय से प्राप्त करने के बाद ही आवेदन करें।



