Good News - डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में नया पैकेज
Good News - डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में नया पैकेज

टीआरपी डेस्क

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में अब किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी और ब्रेन एंजियोग्राफी भी हो सकेगी। हृदय रोग, रीढ़ की जटिल सर्जरी व रक्त विकारों से संबंधित नए पैकेजों के साथ ही कई हाई-एंड दवाईयों को भी इसमें शामिल किया गया है।

क्रोनिक रीनल फेल्योर (Chronic Renal Failure) के रोगियों के लिए की जाने वाली कंटिन्युअस एम्बुलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (CAPD – Continuous Ambulatory Peritoneal Dialysis) का नया पैकेज जोड़ा गया है। सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित इस पैकेज के तहत शासकीय चिकित्सालयों या निजी क्षेत्र के नेफ्रोलॉजिस्ट कैथेटर इन्सर्जन (Catheter Insertion) के लिए मरीज को रायपुर स्थित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल या एम्स (AIIMS) रिफर कर सकते हैं। मरीज चिन्हांकित सरकारी अस्पतालों से महीने भर के लिए सीएपीडी बैग प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मिलकर यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। एक महीने के सीएपीडी बैग के लिए 22 हजार रुपए का पैकेज निर्धारित किया गया है।

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स्वास्थ्य विभाग ने इलाज के पैकेजों की दर संशोधित करने और नए पैकेजों को शामिल करने समय-समय पर नेशनल हेल्थ एजेंसी को प्रस्ताव भेजे थे। करीब 800 पैकेजों की दरों में संशोधन किया गया है। योजना में नए पैकेजों और हाई-एंड दवाईयों को शामिल किए जाने तथा पुराने पैकेजों की दरों में बढ़ोतरी से योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पताल मरीजों को ज्यादा चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में शासकीय और पंजीकृत निजी अस्पतालों में इम्युनोसप्रेसिव उपचार (Immunosuppressive Treatment) सहित रेनल/किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी (Renal/Kidney Transplant Surgery) को भी शामिल किया गया है। इस पैकेज के अंतर्गत मरीजों को डोनर नेफ्रेक्टोमी (Donor Nephrectomy) और ट्रांसप्लांट सर्जरी के साथ ही ट्रांसप्लांट के बाद एक साल तक ली जाने वाली जरूरी दवाएं मुहैया कराई जाएंगी। हाई-एंड दवाएं जैसे इम्युनोग्लोबुलिन फॉर गुइलेन बरे सिंड्रोम (Immunoglobulin for Guillain Barre Syndrome), कावासाकी (Kawasaki), एल्ब्यूमिन फॉर बर्न्स (Albumin for Burns), नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) या अन्य सूचीबद्ध हाइपोप्रोटीनेमिया (Hypoproteinemia) को भी योजना में शामिल किया गया है। क्रोनिक रीनल फेल्योर के मरीजों में विफल एवी फिस्टुला (failed AV fistula) की स्थिति में डायलिसिस के लिए जरूरी प्रोसिजर टनल्ड कैथेटर (Tunnelled Catheter) को भी योजना के पैकेज में शामिल किया गया है। इनके साथ ही डीएसए (ब्रेन एंजियोग्राफी), हृदय रोग, रीढ़ की जटिल सर्जरी और कुछ रक्त विकारों के इलाज को भी योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले इलाजों में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक्युट (Acute) और क्रोनिक (Chronic) दोनों तरह की हीमोडायलिसिस (Haemodialysis) की दर में भी वृद्धि की है। इसकी दर को 1500 रुपए प्रति सत्र (Session) से बढ़ाकर 2200 रुपए किया गया है। इस पैकेज की दर में वृद्धि से मरीजों की समुचित जांच और उपयोगी इंजेक्शन एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।