– मुकेश श्रीवास
दंतेवाड़ा। हिरोली की खदान क्रमांक -13 को लेकर केंद्र सरकार के उदासीन रवैय से त्रस्त होकर आदिवासी फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर गीदम के साप्ताहिक बाजार में कोया-कुटमा समाज की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता समाज के जिलाध्यक्ष महादेव नेताम ने की। उन्होंने समाज के लोगों से इस विषय में राय मांगी है। रायशुमारी के बाद फिर आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। यहां हम ये भी बता दें कि आदिवासियों ने सरकार को 15 दिनों की मोहलत दी थी। उनका कहना था कि इस बार तो जा रहे हैं, मगर यदि दोबारा आना पड़ा तो फिर बारिश हो या तूफान फैसला होने तक डटे रहेंगे।
समाज की कार्यकारिणी के सदस्यों ने ली शपथ:
इस मौके पर एक शपथ ग्रहण समारोह भी हुआ इसमें नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने शपथ ग्रहण की।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद:
समाज की इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य चैतराम अटामी, जिला पंचायत सदस्य नंदलाल मुड़ामी,बल्लू राम भवानी, सोनी सोढ़ी,जया कश्यप व भीमसेन मण्डावी व जिले के समस्त समाज प्रमुखों तथा बुद्धजीवियों की मौजूदगी देखी गई।
इन विषयों पर भी हुई चर्चा:
बैठक में आदिवासी समाज को ग्राम स्तर से लेकर ब्लॉक व जिला इकाई को संगठनात्मक रूप से मजबूत करना के बारे में चर्चा की गयीं। इसके अतिरिक्त परंपरागत रीति – रिवाजों को यथावत बनाए रखने, व सांस्कृतिक विचारधारा को बचाए रखने संबधी सुझाव समाज के सभी लोगों राय मांगी गई। इस दौरान कोया कुटमा समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।