IGKV exam question paper security system after paper leak
IGKV exam question paper security system after paper leak

IGKV Paper Leak: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में लगातार तीन प्रश्नपत्र लीक होने के बाद स्थगित की गई परीक्षाएं अब 7, 8 और 9 सितंबर को दोबारा आयोजित की जाएंगी। पेपर लीक की घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब कॉलेजों को प्रश्नपत्र सीलबंद पैकेट में भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे।

विश्वविद्यालय की नई व्यवस्था के तहत परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही संबंधित कॉलेज प्रबंधन को प्रश्नपत्र खोलने का पासवर्ड दिया जाएगा। इससे पहले ई-मेल में भेजे गए प्रश्नपत्र को खोला नहीं जा सकेगा। प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया एक अधिकृत कमेटी की मौजूदगी में कराई जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है।

कल से शुरू होगी दोबारा परीक्षा

पेपर लीक के कारण जिन तीन परीक्षाओं को स्थगित किया गया था, उनकी नई तारीखें विश्वविद्यालय ने तय कर दी हैं। तीनों परीक्षाएं क्रमश: 7, 8 और 9 सितंबर को आयोजित होंगी। कॉलेजों को प्रश्नपत्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-मेल से उपलब्ध कराए जाएंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रश्नपत्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले लीक होने की आशंका को कम करना है। पासवर्ड अंतिम समय में जारी होने से प्रश्नपत्र तक अनधिकृत पहुंच रोकने की कोशिश की गई है।

See also  हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार बनेंगे असम के मुख्यमंत्री: 12 मई को लेंगे शपथ

तीन विषयों के पेपर हुए थे लीक

पेपर लीक का मामला पिछले महीने दुर्ग स्थित निजी कॉलेज भारतीय कॉलेज से सामने आया था। सबसे पहले बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी तो दो और प्रश्नपत्रों के लीक होने का खुलासा हुआ। इनमें बीएससी प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी और प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के प्रश्नपत्र शामिल थे। तीनों प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही वाट्सऐप पर वायरल हो गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को तीनों परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी थीं।

गिरफ्तारी के बाद सामने आईं नई जानकारियां

मामले में निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर और कुछ विद्यार्थियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी। जांच के दौरान पहले सामने आए पेपर के अलावा दो अन्य प्रश्नपत्रों के लीक होने की जानकारी भी सामने आई। इससे विश्वविद्यालय की प्रश्नपत्र सुरक्षा और परीक्षा संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। लगातार तीन प्रश्नपत्रों के लीक होने से यह भी सवाल उठा कि आखिर प्रश्नपत्र निजी कॉलेजों तक किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत पहुंच रहे थे।

See also  CG News : एक लाख के नकली नोट के साथ युवक गिरफ्तार, बाइक में लिखा था…

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया। सबसे बड़ा सवाल प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, वितरण और निगरानी को लेकर उठ रहा है। बताया गया कि विभिन्न कक्षाओं और विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले संबंधित निजी कॉलेजों तक पहुंच रहे थे। ऐसे में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसी व्यवस्था में बदलाव करते हुए ई-मेल और पासवर्ड आधारित प्रणाली लागू की है। इसके साथ प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया को भी कमेटी और वीडियोग्राफी से जोड़ दिया गया है।

दो महिला ऑब्जर्वर निलंबित

पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो महिला ऑब्जर्वर को निलंबित किया था। इसके अलावा स्नातक स्तर के परीक्षा प्रभारी को भी पद से हटा दिया गया। हालांकि, पेपर की सुरक्षा और वितरण व्यवस्था से जुड़े परीक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर यह चर्चा भी है कि यदि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय कर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

See also  शाहीन बाग केस: SC ने कहा- सार्वजनिक रोड प्रदर्शन के लिए नहीं, फिलहाल सुनवाई का माहौल नहीं

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।