Kalinga University: कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय द्वारा ‘यंग इंडियंस’ (Yi) और ‘कैंपस ऑन’ के सहयोग से “प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” विषय पर एक विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रबंधन के विद्यार्थियों को व्यवसाय और उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ना था। इस सत्र में कुल 111 विद्यार्थियों ने भाग लेकर AI टूल्स के उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
ChatGPT, Gemini और Claude AI से बिजनेस की तकनीक
कार्यशाला में AI विशेषज्ञ और उद्यमी पार्थ मिरानी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने छात्रों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स के जरिए रिसर्च, मार्केटिंग, बिजनेस ऑटोमेशन और रणनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन दिखाया।

सत्र का मुख्य केंद्र “Think – Prompt – Create – Improve” (सोचें – प्रॉम्प्ट दें – बनाएं – सुधारें) फ्रेमवर्क रहा। इस मॉडल के माध्यम से उन्होंने बताया कि कैसे मानव रचनात्मकता और समस्या-समाधान क्षमता को AI की मदद से नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
प्रॉम्प्ट स्ट्रक्चरिंग और सही आउटपुट प्राप्त करने का तरीका
विशेषज्ञ पार्थ मिरानी ने स्पष्ट किया कि AI का प्रभावी उपयोग केवल सामान्य प्रश्न पूछने तक सीमित नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सिखाया कि AI से सटीक परिणाम पाने के लिए प्रॉम्प्ट को सही तरीके से संरचित (structure) करना बेहद जरूरी है। इसके लिए:
स्पष्ट भूमिका (Role): AI को एक विशिष्ट भूमिका देना।
संदर्भ (Context): समस्या या विषय का पूरा बैकग्राउंड समझाना।
उद्देश्य और सीमाएं (Goal & Limitations): सटीक लक्ष्य और दायरा तय करना।
आउटपुट फॉर्मेट (Desired Format): उत्तर किस प्रारूप में चाहिए, यह निर्दिष्ट करना।
इसके साथ ही छात्रों को AI द्वारा दिए गए उत्तरों का तार्किक मूल्यांकन करने और उन्हें परिष्कृत (refine) करने की कला भी सिखाई गई।
सत्र के शुभारंभ पर वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। इस दौरान ‘यंग इंडियंस’ की प्रियंका दुलहानी, इशिका चौधरी और श्रेया अग्रवाल उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के आयोजन में कला एवं मानविकी संकाय के सहायक प्राध्यापक व Young India कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वैष्णव, छात्र अमन दुबे (BTCSAIML 5th Sem) और शिवांशी भगत (BCAAIML 5th Sem) का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन छात्रा डॉली (BTCSAIML 3rd Sem) और पलक (BSCAIML 3rd Sem) ने किया।
(FAQ)
प्र1: कलिंगा विश्वविद्यालय में आयोजित इस सत्र का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: इस सत्र का मुख्य विषय “प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” था, जिसका उद्देश्य बिजनेस में AI के व्यावहारिक उपयोग को सिखाना था।
प्र2: इस कार्यशाला में कुल कितने छात्रों ने भाग लिया?
उत्तर: इस विशेष सत्र में कुल 111 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्र3: वर्कशॉप में किन AI प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन किया गया?
उत्तर: विशेषज्ञ द्वारा छात्रों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया गया।
प्र4: सत्र में किस विशेष फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया?
उत्तर: इस सत्र का मुख्य केंद्र “Think – Prompt – Create – Improve” (सोचें – प्रॉम्प्ट दें – बनाएं – सुधारें) फ्रेमवर्क था।
प्र5: यह कार्यक्रम किन संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया गया था?
उत्तर: यह आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय द्वारा ‘यंग इंडियंस’ (Yi) और ‘कैंपस ऑन’ के सहयोग से किया गया था।


