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Kawardha: खेतों के बीच तेंदुए के दिखने से मची दहशत, वन विभाग की एक्सपर्ट टीम ने किया रेस्क्यू

Kawardha: खेतों के बीच तेंदुए के दिखने से मची दहशत, वन विभाग की एक्सपर्ट टीम ने किया रेस्क्यू
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Leopard roaming in fields rescued: वन मंडल कवर्धा के ग्राम सिंघनपुरी में गुरुवार सुबह खेतों के पास तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन और पुलिस विभाग ने संयुक्त बचाव अभियान चलाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया।

इस इलाके में सुबह मार्ग के पास तेंदुआ देखे जाने पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। DFO निखिल अग्रवाल के निर्देश पर कवर्धा और भोरमदेव अभयारण्य के परिक्षेत्र अधिकारी, थाना प्रभारी कवर्धा व राजनांदगांव तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित कर क्षेत्र की घेराबंदी की गई।

रायपुर से आयी विशेषज्ञ टीम ने किया ट्रेंकुलाइज

सुरक्षित रेस्क्यू के लिए रायपुर से वन्यप्राणी चिकित्सकों की विशेष टीम बुलाई गई। टीम ने निरीक्षण के बाद दोपहर 1.42 बजे बेहोशी के इंजेक्शन से तेंदुए को काबू किया। प्रारंभिक परीक्षण में तेंदुए की उम्र करीब 8 वर्ष बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य ले जाया गया है, स्वास्थ्य समीक्षा के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा।

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वन विभाग की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीव दिखने पर पास न जाएं, तुरंत विभाग या पुलिस को सूचना दें।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. तेंदुआ कहां दिखा?
ग्राम सिंघनपुरी में खेतों के पास, वन मंडल कवर्धा।

Q2. कैसे पकड़ा?
रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम ने दोपहर 1.42 बजे बेहोशी इंजेक्शन से ट्रेंकुलाइज किया।

Q3. तेंदुए की उम्र?
प्रारंभिक परीक्षण में करीब 8 वर्ष।

Q4. अब कहां है?
प्राथमिक उपचार के बाद भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य शिफ्ट, स्वास्थ्य ठीक होने पर जंगल में छोड़ा जाएगा।

Q5. किसके निर्देश पर कार्रवाई?
DFO निखिल अग्रवाल के निर्देश पर कवर्धा और भोरमदेव रेंज अधिकारी, थाना प्रभारी कवर्धा और पुलिस बल ने घेराबंदी कर रेस्क्यू किया।