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Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन में 27 हजार अपात्र, कांग्रेस ने पूछा- पहले पात्र कैसे हुए?

Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन में 27 हजार अपात्र, कांग्रेस ने पूछा- पहले पात्र कैसे हुए?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में दोबारा पात्रता जांच के दौरान करीब 27 हजार हितग्राहियों के अपात्र पाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। जुलाई 2026 में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इन मामलों में करीब 9 करोड़ रुपये की राशि वापस लिए जाने की जानकारी दी गई थी। रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 अपात्र मामले बताए गए थे।

मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया है कि जिन महिलाओं को पहले पात्र मानकर योजना में शामिल किया गया और करीब ढाई साल तक हर महीने 1,000 रुपये की राशि दी गई, उन्हें अब अपात्र किस आधार पर माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने शुरुआती पात्रता जांच पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

दोबारा जांच में सामने आए अपात्र मामले

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की पात्रता की दोबारा जांच की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 27 हजार मामले अपात्र पाए गए। इन मामलों में करीब 9 करोड़ रुपये की राशि वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, अलग-अलग जिलों में जांच और राशि वापसी की स्थिति अलग हो सकती है। रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 हितग्राहियों के अपात्र पाए जाने की जानकारी दी गई थी।

बिलासपुर में 4.17 लाख रिकॉर्ड की जांच

बिलासपुर में हालिया जांच के दौरान महतारी वंदन योजना के 4 लाख 17 हजार 902 हितग्राहियों के रिकॉर्ड की जांच की गई। विभाग के मुताबिक, इनमें 542 महिलाएं अपात्र पाई गईं। विभाग की ओर से करीब 30 लाख रुपये वापस लिए जाने की जानकारी दी गई है।

बिलासपुर में योजना की 31 किस्तों के जरिए अब तक करीब 1,216 करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में अपात्र पाए गए मामलों को लेकर शुरुआती पात्रता जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस ने शुरुआती जांच पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि योजना में शामिल करने से पहले महिलाओं से आवेदन लिए गए और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें पात्र माना गया। इसके बाद उनके खातों में नियमित रूप से राशि भेजी गई।

कांग्रेस का सवाल है कि अगर बाद की जांच में कोई महिला अपात्र पाई गई, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शुरुआती जांच में उसे पात्र किस आधार पर माना गया था। पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा है कि ढाई साल तक भुगतान किस प्रक्रिया और किस जांच के आधार पर किया गया।

पहले मिली रकम लौटाने को लेकर चिंता

कांग्रेस ने रकम वापसी के मामले में महिलाओं की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का कहना है कि योजना के तहत हर महीने मिली राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में खर्च हो सकती है।

कांग्रेस के मुताबिक, अब पहले मिल चुकी राशि वापस करने के लिए कहे जाने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ महिलाओं पर रकम वापस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि कुछ महिलाएं इसके लिए कर्ज लेने या जेवर गिरवी रखने की स्थिति तक पहुंच रही हैं। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

अपात्रता का आधार सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि जिन हितग्राहियों को अपात्र घोषित किया गया है, उन्हें अपात्र मानने का आधार सार्वजनिक किया जाए।

पार्टी का कहना है कि जिन मामलों में सरकारी प्रक्रिया के तहत महिलाओं को पहले पात्र मानकर भुगतान किया गया, वहां राशि वापसी से पहले यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि शुरुआती जांच में गलती कहां हुई।

महतारी वंदन योजना मामले में मुख्य बातें

1 -दोबारा पात्रता जांच में प्रदेश में करीब 27 हजार मामले अपात्र बताए गए।
2- इन मामलों में करीब 9 करोड़ रुपये की राशि वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई।
3- रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 अपात्र मामले बताए गए।
4- बिलासपुर में 4,17,902 रिकॉर्ड की जांच में 542 महिलाएं अपात्र पाई गईं।
5- बिलासपुर में करीब 30 लाख रुपये वापस लिए जाने की जानकारी विभाग ने दी।
6- कांग्रेस ने शुरुआती पात्रता जांच और रकम वापसी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
7- कांग्रेस ने अपात्र घोषित करने का आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।

अब आगे क्या अहम होगा?

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल दो स्तरों पर है,पहला, दोबारा जांच में हितग्राहियों को अपात्र घोषित करने का आधार क्या रहा और दूसरा, शुरुआती सत्यापन के दौरान इन हितग्राहियों को पात्र कैसे माना गया।

राशि वापसी के मामलों में संबंधित विभाग की प्रक्रिया और प्रत्येक हितग्राही की पात्रता की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब और जांच प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

TRP Desk S
लेखक / पत्रकार:

TRP Desk S

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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