Durg Central Jail Raid: दुर्ग के केंद्रीय जेल में जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापा मार कार्रवाई की। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अगुवाई में करीब 100 अधिकारियों और जवानों की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के जेल परिसर को चारों ओर से घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों में हड़कंप मच गया। तलाशी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने जेल की एक-एक बैरक, शौचालय, अहाता और संदिग्ध छिपने वाले स्थानों की बारीकी से जांच की।

मोबाइल समेतआपत्तिजनक सामग्रियां बरामद
लगभग दो घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान जेल परिसर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई है। इसमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बीड़ी-सिगरेट के बंडल, तंबाकू, चिलम, लाइटर, कैंची और नेल कटर शामिल हैं।
इस कार्रवाई के दौरान एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

कार्यवाही पर कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि बरामद सभी सामान का पंचनामा तैयार कर संबंधित थाना प्रभारी को सौंप दिया गया है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच की जा रही है कि उनसे किन नंबरों पर बात की गई है और सिम किसके नाम पर है। साथ ही जांच का मुख्य बिंदु यह भी है कि आखिर जेल के अंदर तक प्रतिबंधित सामान पहुंचा कैसे।

प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अंदर प्रतिबंधित सामानों की सप्लाई चेन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
Q1. दुर्ग केंद्रीय जेल में छापा किसने मारा?
— कलेक्टर अभिजीत सिंह की अगुवाई में जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापा मारा, इसमें करीब 100 अधिकारी और जवान शामिल थे।
Q2. तलाशी अभियान में क्या-क्या बरामद हुआ?
— तलाशी के दौरान जेल से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चिलम, लाइटर, कैंची और नेलकटर समेत कई प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए।
Q3. तलाशी कैसे ली गई और कितनी देर चली?
— जेल को चारों तरफ से घेरकर अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने एक-एक बैरक, शौचालय और अहाते की बारीकी से जांच की। अभियान करीब 2 घंटे तक चला।
Q4. छापे के दौरान कौन-कौन से अधिकारी मौजूद थे?
— मौके पर कलेक्टर अभिजीत सिंह के साथ एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी सिटी शोभराज अग्रवाल और सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Q5. बरामद सामान का अब क्या होगा?
— प्रशासन ने सभी सामान का पंचनामा तैयार कर थाना प्रभारी को सौंप दिया है। मोबाइल और सिम की जांच की जा रही है कि किससे बात हुई और जेल में सामान कैसे पहुंचा, जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।



