राजनांदगांव। नक्सल हमले में शहीद जवान की बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर ठग लिया गया। इस घटना को अंजाम देने वाले ने उन्हे पुलिस में सब इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने का वादा किया था। इस धोखे में बेटी ने 5 लाख से ज्यादा रुपये गंवा दिए। पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

मामला राजनांदगांव के मदनवाड़ा कोरकोट्टी का है। साल 2009 को नक्सली हमले में जवान प्रकाश वर्मा शहीद हो गए थे। पिता के जाने के बाद बेटी विद्या भी देश की सेवा करना चाहती थी। इसलिए उन्होंने सब इंस्पेक्टर बनने की सोची।

नौकरी दिलाने के नाम पर जीता विश्वास

विद्या वर्मा सब इंस्पेक्टर बनने के लिए तैयारी कर रही थी। इसी दौरान वह लक्ष्मी प्रसाद ध्रुव के संपर्क में आई। शुरुआती बात चीत के बाद विद्या ने अफसर बनने का अपना सपना लक्ष्मी प्रसाद को बताया। लक्ष्मी प्रसाद ने विद्या को विश्वास दिलाया कि वह उसे सब इंस्पेक्टर की नौकरी दिलवा सकता है।

See also  नान घोटाले में आरोपी महिला की पुनरीक्षण याचिका खारिज, छापे में 1.60 करोड़ की संपत्ति हुई थी जब्त

ठगी का अहसास होने पर कराई FIR

इसके लिए उसने विद्या से 5 लाख से ज्यादा रुपये लिए। लंब समय तक जब नौकरी नहीं लगी तो विद्या ने अपने पैसे वापस मांगे। पैसे वापस न मिलने पर विद्या को समझ आ गया कि उसे ठगा गया है। विद्या ने बिना और देरी किए सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। विद्या के अनुसार, लक्ष्मी प्रसाद उर्फ राकेश ध्रुव ने उसे पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस प्रशासन की टीम अब मामले की जांच कर रही है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।