सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय खाद्य मंत्री को लिखा पत्र, मिलर्स को चावल जमा करने की अनुमति देने का आग्रह

रायपुर। बर्खास्त शिक्षक मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का असर हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिपरिषद ने 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक (विज्ञान – प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का निर्णय लिया है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस फैसले पर मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि, “मैं इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी समेत पूरी कैबिनेट का दिल से आभार प्रकट करता हूं। साथ ही समायोजित सभी सहायक शिक्षकों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देता हूँ। यह निर्णय न केवल शिक्षकों के जीवन में स्थायित्व लाने वाला है, बल्कि उनके परिवारों को भी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।

बता दें कि, 7 अप्रैल 2025 को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि , राज्य सरकार संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन शिक्षकों को समकक्ष पदों पर एक बार की विशेष छूट (ONE TIME EXEMPTION) के माध्यम से समायोजित करें।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के मिडिल और हाई स्कूलों में प्रयोगशाला सहायक जैसे कई समकक्ष पद रिक्त हैं, जिन पर इन योग्यताधारी बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित किया जा सकता है। सांसद ने यह मांग की है कि राज्य सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुरूप जीवन रक्षा के अपने कर्तव्यों का पालन करे और इन शिक्षकों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाए।

राज्य सरकार द्वारा इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए 23 दिन बाद बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित करने का निर्णय लिया गया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।