अवधेश शर्मा, विजय पचौरी

दंतेवाड़ा। बस्तर के घोर नक्सली और अतिसंवेदनशील क्षेत्र दंतेवाड़ा जिले के हिरोली गांव में एस्सार प्लांट के पास नक्सलियों ने भारी मात्रा में पर्चे फेंके थे। जिन्हें देख कर किसी भी आम आदमी की रूह कांप जाएगी, लेकिन टीआरपी के बस्तर ब्यूरो अवधेश शर्मा और विशेष संवाददाता विजय पचौरी ने हिरोली गांव के राजेश नामक 4 वर्षीय बच्चे से मुलाकात की।

उसके बाद राजेश का इलाज करवाने के लिए उसे दंतेवाड़ा लेकर आए जहां दंतेवाड़ा जिले के S.P. डा. अभिषेक पल्लव के मार्गदर्शन में उस बच्चे का उपचार शुरू हुआ। डॉ. अभिषेक पल्लव और उनकी धर्मपत्नी ने लगातार उसका इलाज करवाने का एलान भी किया है।

हिरोली गांव को जानें:

हिरौली वह गांव है जो दूर नक्सलवाद प्रभावित इलाका माना जाता है । यहां लगभग हर घर में कोई ना कोई नक्सलियों से जुड़ा आपको मिल जाएगा। ऐसे में यहां जाना कितना खतरनाक हो सकता है इस बात का अंदाजा भी आसानी से लगाया जा सकता है ।

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हमारे संवाददाता पुलिस वाहन में सवार होकर काफी दूर तक जंगल में गए । इसके बाद 5 किलोमीटर पैदल चलकर दुर्गम रास्तों से होते हुए यह लोग सिरोली गांव पहुंचे । जहां पता चला एक 4 साल के बच्चे की तबीयत खराब है । उस बच्चे का पिता एनएमडीसी में धरने पर बैठा हुआ है ।

हम आपको यह भी बता दें कि NMDC के धरने में ज्यादातर लोग हिलौली के ही मौजूद हैं। हमारे संवाददाता उस बच्चे को लेकर दंतेवाड़ा आए जहां पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव के मार्गदर्शन में उसका उपचार शुरू हुआ तो वही डॉ़ अभिषेक पल्लो पल्लव की पत्नी ने उसके पूरे इलाज का खर्च उठाने की घोषणा भी की है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।