NEP New Rule Chhattisgarh: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ाई कर रहे प्रदेश के हजारों छात्रों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो प्रश्नपत्रों में असफल होने वाले छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद नहीं होगा। ऐसे छात्रों को 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें अनंतिम (प्रोविजनल) प्रवेश देने का फैसला किया है। सरकार के इस निर्णय से उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो एक-दो विषयों में बैकलॉग के कारण अगले चरण की पढ़ाई में आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अध्यादेश में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा।
एक-दो विषय में फेल होने पर नहीं रुकेगी पढ़ाई
NEP के तहत लागू व्यवस्था में प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर में असफल होने के कारण कुछ छात्र 5वें सेमेस्टर में प्रवेश नहीं ले पा रहे थे। इसका सीधा असर उनके पूरे शैक्षणिक वर्ष पर पड़ने की आशंका थी। छात्रों की इस समस्या को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने नियमों में राहत देने का निर्णय लिया है। अब ऐसे विद्यार्थियों को 5वें सेमेस्टर में अनंतिम प्रवेश दिया जा सकेगा। इससे वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे और संबंधित विषयों की परीक्षा बाद में पास करने का अवसर मिलेगा।
शिक्षक दिवस पर छात्रों को बड़ी राहत
सरकार ने यह निर्णय शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्रों के लिए बड़ी सौगात के तौर पर लिया है। फैसले का मुख्य उद्देश्य किसी एक-दो विषय में असफलता के कारण विद्यार्थियों की पूरी पढ़ाई प्रभावित होने से बचाना है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान छात्रों के हित को ध्यान में रखकर किया जाना जरूरी है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। NEP को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके क्रियान्वयन के दौरान यदि किसी तरह की व्यावहारिक समस्या सामने आती है तो छात्रों के हित में उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं के शैक्षणिक विकास के साथ उनके सर्वांगीण उत्थान के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
संबंधित अध्यादेश में होगा संशोधन
सरकार के फैसले के बाद संबंधित नियमों और अध्यादेश में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके जरिए एक या दो पेपर में असफल छात्रों को 5वें सेमेस्टर में अनंतिम प्रवेश देने का प्रावधान औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। इस फैसले से उन विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनकी आगे की पढ़ाई केवल एक-दो विषयों में असफल होने के कारण अटक गई थी।


