ज़रा सी तल्खियों के बाद पीसीसी की बैठक ख़त्म
ज़रा सी तल्खियों के बाद पीसीसी की बैठक ख़त्म

मरकाम बिफरे तो अपने ही अंदाज़ में सीएम भूपेश ने किया शांत

पीआरओ, डीआरओ और बीआरओ से रूबरू हुए पीसीसी लीडर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित संगठन बैठक राजीव भवन में देर शाम पूरी हुई। प्रदेशभर के नवनियुक्त पीआरओ, डीआरओ, बीआरओ से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम रूबरू हुए। दोपहर साढ़े 11 बजे से शुरू हुई संगठन चुनाव से पहले की यह बैठक काफी अहम थी। वैसे तो बैठक करीब डेढ़ घंटे चली जिसमे दुर्ग के राजेंद्र साहू समेत चंद अन्य सदस्य नियुक्तियों को लेकर नाराज़ होते हुए सवाल करने लगे। संगठन के नियुक्ति को लेकर किये जा रहे सवालों के अंदाज़ से पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ज़रा तल्ख़ हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का तल्ख़ अंदाज़ देखकर अपने ही स्टायल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें शांत किया। सीएम ने सवाल करने वाले सदस्यों को कांग्रेस परिवार का हिस्सा बताते हुए बैठक को परिवार की बैठक बता सवाल पूछने वालों को जवाब देकर शांत करने की नसीहत पीसीसी चीफ को दिया। इसके बाद खुद श्री बघेल ने भी कहा कि बंद कमरे में नियुक्तियों को लेकर पूछे गए सवालों का समर्थन करते दिखाई दिए। सदस्यों के सवाल पर श्री मरकाम ने पूर्व में होने वाली नियुक्तियों और वर्तमान मे अपने गई प्रक्रिया से खुद को वाकिफ बताया। सीएम ने कहा परिवार की बैठक में सारी बातें खुलकर रखनी चाहिए।

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मरकाम बीआरओ और संगठन में की गई नियुक्तियों पर आपत्ति करने वालों को आड़े हाथो लेते हुए कहा पहले जोगी कांग्रेस के लोगों को पद दिया गया था। बार बार सूचि बदलने को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर भी अपनी आपत्तियां दर्ज़ करती दिखीं। पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू और प्रेमचंद जैसी ने भी मनमाफिक नियुक्तियों व बंद कमरों में नाम फाइनल करने से लेकर दिए गए मांगे गए नामों की अनदेखी पर सवाल उठाये। नाराज़गी, बहस, और संगठन चुनाव की रुपरेखा, प्रक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा बैठक में हुई। बैठक दोपहर साढ़े 12 बजे ख़त्म हुई। पीसीसी चीफ ने आखिर में कहा कमी होगी तो उसे दूर करेंगे।

लड़े , भिड़े फिर सुकून से खाते दिखे

प्रदेश, संभाग, जिला संगठन के सभी पदाधिकारी और सदस्यों बैठक के बाद सुकून से साथ में लंच भी किये। होटल सुकून से संगठन पदाधिकारियों के लिए भोजन का बंदोबस्त करवाया गया था। जो बैठक में सवाल-जवाब कर रहे थे वे साथ साथ खाना खाते रहे।

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रात्रि भोजन मुख्यमंत्री आवास में

एक चरण की बैठक के बाद लंच हुआ फिर दूसरे चरण में वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच भी बैठक हुई, संगठन की इस बैठक के बाद सीएम भूपेश बघेल ने रात्रि भोज के लिए सभी को आवास में आमंत्रित किया है।

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