टीआरपी। Pensioners will protest during the assembly session : छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश राज्य सरकार के पेंशनर्स विधानसभा सत्र के दौरान राजधानी रायपुर और भोपाल में धरना- प्रदर्शन करेंगे। दोनों राज्य सरकारों की आपसी सहमति के बाद ही महंगाई राहत देने की अवैधानिक व्यवस्था को समाप्त करने की मांग का ज्ञापन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

यह निर्णय मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के संयुक्त राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के जबलपुर सम्मेलन में लिया गया है। छत्तीसगढ़ अधिकारी -कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पी आर यादव एवं महामंत्री उमेश मुदलियार ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के पांच पेंशनर्स संगठन एवं मध्य प्रदेश के दस पेंशनर्स संगठनों द्वारा गठित फेडरेशन का जबलपुर सम्मेलन में प्रस्ताव पारित किया गया।

राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6 ) में दोनों राज्यों की सहमति का प्रावधान नहीं होने के बावजूद वित्त सचिव स्तर के अधिकारियों ने यह व्यवस्था कायम कर 20 वर्षों से दोनों राज्यों के पेंशनर्स का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। 2006 के पूर्व म प्र एवं छत्तीसगढ़ की सरकारें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेकर राज्य के पेंशनर्स को महंगाई राहत का भुगतान करती थीं।

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मध्यप्रदेश के तत्कालीन वित्त सचिव ए पी श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के वित्त सचिव डीएस मिश्रा को लिखे अर्ध शासकीय पत्र के आधार पर यह अवैधानिक व्यवस्था कायम की गई है।

पेंशनरों की प्रमुख मांगें

मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन की जबलपुर अधिवेशन में पारित प्रस्ताव अनुसार ’वरिष्ठ नागरिक आयोग’ का गठन करने, पेंशनर्स के लिए बीमा आधारित कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, 70 वर्ष आयु पूर्ण होने पर पेंशन में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने तथा केंद्र सरकार के पेंशनरों को देय तिथि से राज्य के पेंशनर्स को महंगाई राहत का भुगतान की मांग शामिल है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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