Chhattisgarh Politics: प्रधानमंत्री आवास योजना पर हुई बहस के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक और बहस की तैयारी दिख रही है। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झीरम घाटी मामले के फैसले को लेकर खुली बहस की चुनौती दी है।
शर्मा ने कहा कि बघेल चाहें तो बहस की तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस और भूपेश बघेल जांच और न्याय को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
झीरम फैसले के बाद फिर बढ़ी सियासी बहस
झीरम घाटी मामले में विशेष NIA अदालत ने 2013 के हमले के 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। बाद में 16 सितंबर को अदालत ने सभी 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से जांच के दायरे और व्यापक साजिश को लेकर सवाल उठाए गए। इसी मुद्दे पर अब विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को बहस की चुनौती दी है। शर्मा का कहना है कि यदि बघेल इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो वह पूरी तैयारी के साथ आएं।
एक महीने का समय ले लें, तैयारी करें
विजय शर्मा ने कहा है कि भूपेश बघेल चाहें तो तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं। इसके बाद दोनों पक्ष इस मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर चर्चा कर सकते हैं। यह चुनौती ऐसे समय आई है जब दोनों नेताओं के बीच इससे पहले भी सार्वजनिक मंच पर तीखी बहस हो चुकी है। 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बघेल और शर्मा के बीच करीब 80 मिनट तक बहस हुई थी। दोनों ने योजना के आंकड़ों को लेकर अपने-अपने तर्क रखे थे।
शर्मा बोले- अनावश्यक बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं
गृहमंत्री विजय शर्मा ने झीरम मामले को लेकर हो रही बयानबाजी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस तरह का न्याय चाहते हैं।
पांच साल में जेब से नहीं निकला कोई सबूत
विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के पिछले कार्यकाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में बघेल की जेब से कोई सबूत नहीं निकल सका। शर्मा ने कहा कि अगर उनके पास अब भी कोई सबूत है तो वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA के पास जाकर उसे सौंपें।
अब बहस का मुद्दा झीरम घाटी
प्रधानमंत्री आवास योजना पर हुई बहस के बाद दोनों नेताओं के बीच अब झीरम घाटी मामले को लेकर बयानबाजी तेज है। भूपेश बघेल ने फैसले के बाद NIA की जांच के दायरे और पीड़ितों को न्याय मिलने को लेकर सवाल उठाए थे। ऐसे में विजय शर्मा की नई चुनौती ने छत्तीसगढ़ की सियासत में बहस का एक और मंच तैयार कर दिया है। अब देखना यह है कि इस चुनौती पर भूपेश बघेल की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।



