Major lapse in prison security: दुर्ग सेंट्रल जेल में मोबाइल और आपत्तिजनक सामान मिलने के 2 दिन बाद अब रायगढ़ जिला जेल की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक ही दिन में जेल परिसर से दो संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पहला मामला शाम के वक्त का है। जेल की पीछे की दीवार पर तैनात प्रहरियों को एक लावारिस मोबाइल पड़ा मिला। जांच में पता चला कि इसे जेल के बाहर से दीवार फांदकर अंदर फेंका गया था। सूचना पर जेल अधीक्षक ने तत्काल मोबाइल जब्त कराया।
रात में अस्पताल से मिला दूसरा मोबाइल
पहली घटना के कुछ घंटों बाद ही रात में जेल परिसर में स्थित 10 बिस्तर वाले अस्पताल से दूसरा मोबाइल बरामद हुआ। एक ही दिन में 2 मोबाइल मिलने से जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
सिम एक्टिव, पुलिस से जांच की मांग
जेल अधीक्षक जी.एस. सोरी ने बताया कि दोनों मोबाइल में सिम कार्ड लगे हुए हैं और सक्रिय हैं। जेल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जूटमिल पुलिस को पत्र लिखकर सिम धारक की पहचान और कॉल डिटेल (CDR) की जांच की मांग की है, ताकि पता चल सके कि कैदियों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा जेल प्रबंधन, सुरक्षा पर सवाल
मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा और किसने फेंका, इसका पता लगाने के लिए जेल प्रबंधन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहा है। खासकर जेल की पिछली दीवार के आसपास की गतिविधियों पर फोकस किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 2 दिन पहले ही दुर्ग सेंट्रल जेल में जिला स्तरीय छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए थे, अब रायगढ़ की घटना ने प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. रायगढ़ जेल में कितने मोबाइल मिले हैं?
— बृहस्पतिवार को एक ही दिन में 2 मोबाइल बरामद हुए, एक बाहर से फेंका गया था और दूसरा जेल अस्पताल से मिला।
Q2. मोबाइल कैसे जेल के अंदर पहुंचा?
— प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एक मोबाइल जेल की पिछली दीवार के बाहर से फेंककर अंदर पहुंचाया गया था।
Q3. जेल प्रबंधन ने क्या कार्रवाई की है?
— जेल अधीक्षक जी.एस. सोरी ने दोनों मोबाइल जब्त कर जूटमिल पुलिस को सिम वेरिफिकेशन और कॉल डिटेल जांच के लिए पत्र लिखा है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।



