Chhattisgarh News: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे के विस्तार के लिए कई योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। कैबिनेट ने रेलवे की सात हाई डेंसिटी कॉरीडोर को चार लाइन बनाने की मंजूरी दी है। जिसमें दिल्ली से चेन्नई, चेन्नई से कोलकाता, दिल्ली से गुवाहाटी, हावड़ा से चेन्नई, मुंबई से चेन्नई, दिल्ली से हावड़ा की रेलवे लाइन को चार लाइन बनाया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को भी प्राथमिकता में रखा गया है। इसके तहत बिलासपुर (उस्लापुर) से पेंड्रा रोड के बीच तीसरी लाइन का विस्तारीकरण किया जाएगा।
वहीं, पेंड्रा से कटनी तक की लाइनों को फोर लाइन किया जाएगा। वहीं भविष्य में इस पूरे रूट को उस्लापुर होते हुए कटनी तक के लिए चार लाइनों में विस्तारीकरण किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कई प्रोजेक्ट मंजूर हुए जो रेलवे के माडर्नाईजेशन से जुड़े हैं। पीएम मोदी रेलवे के सात हाई डेंसिटी कोरिडोर की फोर-लाइनिंग कर रहे हैं। दिल्ली से हावड़ा, मुंबई से हावड़ा, दिल्ली से मुंबई, चेन्नई और गुवाहाटी. इसके अलावा हावड़ा से चेन्नई और मुंबई से चेन्नई के बीच फोर लेन को मंजूरी दी गई है।
जानिए इससे क्या होगा फायदा?
नए प्रोजेक्ट के तहत कुछ रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की भी सहमति दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से देश के 4790 गांवों को कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी सहूलियत लोगों को मिलेगी। नई लाइनें विस्तृत होने से 56 लाख अतिरिक्त लोग सफर कर सकेंगे। इनसे मालगाड़ियों को भी सुविधा मिलेगी। इन प्रोजेक्ट के पूरा होने से सालाना 27 मीट्रिक टन कार्गो ट्रांसपोर्ट हो सकेगा।
देश के चारों महानगरों का सफर होगा आसान
कैबिनेट में देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले कॉरिडोर को आधुनिक और सुगम बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत देश के चारों महानगरों का सफर करने में सहूलियत होगी। कोलकाता से दिल्ली कॉरिडोर को फोर लेन बनाने की मंजूरी मिली है, जिससे उत्तर भारत से पूर्वी भारत के बीच माल ढुलाई और आवागमन में भी तेजी आएगी। पूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए चेन्नई-कोलकाता मार्ग को फोर लेन में बदला जाएगा। साथ ही दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच यात्रा को और निर्बाध बनाने के लिए इस रूट को फोर लेन करने का भी निर्णय लिया गया है। पश्चिम और दक्षिण भारत के दो बड़े औद्योगिक केंद्रों के बीच संपर्क को रफ्तार देने के लिए मुंबई-चेन्नई मार्ग भी फोर लेन होगा।



