Chhattisgarh Patwari Protest News: छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी 13 अक्टूबर 2026 से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में तकनीकी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने विरोध शुरू किया है। हड़ताल लंबी चलने पर प्रदेश की तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो सकता है, जिससे किसानों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्व पटवारी संघ के अनुसार, फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में लगातार तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं। पटवारियों का कहना है कि ऐप की खामियां दूर किए बिना उन पर इसके जरिए काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
निलंबन की कार्रवाई का भी विरोध
पटवारियों का आरोप है कि पीवी ऐप का इस्तेमाल नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ शासन-प्रशासन की ओर से निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। संघ इस कार्रवाई का विरोध कर रहा है। इसके साथ ही पटवारी वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति का लाभ देने जैसी पुरानी मांगों को भी पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
तहसीलों में राजस्व के कामकाज पर पड़ सकता है असर
पटवारियों की हड़ताल से राजस्व विभाग के रोजमर्रा के काम प्रभावित होने की आशंका है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है। इसके अलावा भूमि रिकॉर्ड, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, सेवाओं पर वास्तविक प्रभाव स्थानीय प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
फसल सत्यापन और धान खरीदी की तैयारियों पर चिंता
फसल सत्यापन, गिरदावरी और धान खरीदी के लिए जरूरी किसान पंजीयन जैसे कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर इन प्रक्रियाओं में देरी की आशंका है। इसका असर किसानों के जरूरी दस्तावेजों और संबंधित सरकारी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।
मांगें पूरी होने तक जारी रह सकती है हड़ताल
पटवारियों की प्रमुख मांगों में पीवी ऐप की तकनीकी समस्याओं का समाधान, कथित दंडात्मक कार्रवाई पर रोक, वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। अब सबकी नजर शासन-प्रशासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि जल्द समाधान नहीं निकलता है, तो राजस्व सेवाओं से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।



