A Call Saves a Life: राजनांदगांव में आत्महत्या की एक कॉल ने पूरी पुलिस टीम को दौड़ा दिया और आखिर में एक व्यक्ति की जान बचा ली गई। घटना चिचोला चौकी क्षेत्र की है। पुलिस को खुद उसी व्यक्ति ने फोन कर कहा कि वह आत्महत्या करने जा रहा है।
कॉल की गंभीरता समझते हुए चौकी प्रभारी ने तुरंत SP अंकिता शर्मा, एडिशनल SP कीर्तन राठौर और SDOP केसरीनंदन नायक को जानकारी दी। फिर अधिकारियों के निर्देश पर टीम रवाना हुई।
लोकेशन नहीं बता रहा था, साइबर सेल बना मददगार
चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश्वर ध्रुव, आरक्षक गजेंद्र भारद्वाज और रमेश कतलम मौके के लिए निकले, लेकिन कॉलर सही लोकेशन नहीं बता पा रहा था। ऐसे में साइबर सेल की मदद ली गई। टेक्निकल ट्रेसिंग से उसकी लोकेशन मिली और टीम तुरंत वहां पहुंची।
मौके पर देखा तो व्यक्ति पेड़ पर चढ़ा था और गले में गमछा लपेटकर फंदा लगाने की कोशिश में था। पुलिस ने बड़े धैर्य से उससे बात की, समझाया और फिर नीचे उतारा।

पारिवारिक तनाव में था शख्स
पूछताछ में पता चला कि पारिवारिक विवाद के चलते वह मानसिक तनाव में था। पुलिस ने काउंसलिंग कर उसे परिवार को सौंप दिया।
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी परेशानी में ऐसा कदम न उठाएं, परिवार, दोस्त या पुलिस से मदद लें।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. राजनांदगांव में क्या हुआ?
— चिचोला चौकी क्षेत्र में एक 45-50 वर्षीय व्यक्ति पेड़ पर गमछा से फंदा लगाकर आत्महत्या करने जा रहा था, पुलिस ने बचाया।
Q2. पुलिस को कैसे पता चला?
— युवक ने खुद चिचोला चौकी में फोन कर आत्महत्या की सूचना दी थी।
Q3. लोकेशन कैसे मिली?
— युवक सही लोकेशन नहीं बता रहा था, साइबर सेल की मदद से टेक्निकल ट्रेसिंग कर लोकेशन निकाली गई।
Q4. मौके पर कौन पहुंचा?
— चौकी प्रभारी मुकेश्वर ध्रुव, आरक्षक गजेंद्र भारद्वाज, रमेश कतलाम, SP अंकिता शर्मा, एडिशनल SP कीर्तन राठौर, SDOP केसरीनंदन नायक के निर्देश पर।
Q5. आत्महत्या की वजह क्या थी?
— प्रारंभिक पूछताछ में पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव सामने आया। युवक को परिवार को सौंप दिया गया।



