इनामी नक्सली

जगदलपुर। 20 लाख के इनामी नक्सली जालंधर रेड्डी ने सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा को अपनाया है। आत्मसमर्पित नक्सली जालंधर रेड्डी उर्फ कृष्णा आंध्रप्रदेश-ओडिशा में सक्रिय था। बता दे कि जालंधर स्टेट और जोनल कमिटी का सदस्य था

कई नाम हैं नक्सली जालंधर रेड्डी के…?

मुत्तानागरी जालंधर रेड्डी उर्फ कृष्ना उर्फ मारणा उर्फ करुणा उर्फ सरथ जैसे कई छद्म नामों से जाना जाने वाला यह नक्सली । सरेंडर करने के समय यह AOBSZC ( आंध्र ओडिसा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी ) का स्पेशल जोनल कमेटी मेम्बर था ।

अनेक बड़ी वारदातों में रही संलिप्तता

छात्र जीवन के दौरान ही जालंधर रेड्डी का झुकाव नक्सली संगठन की ओर हुआ । 1998 में इसने रेडिकल स्टूडेंट यूनियन जॉइन की और लगातार अपनी जघन्य वारदातों की वजह से प्रमोट होता रहा । कई बड़ी घटनाओं में इसकी सक्रिय संलिप्तता रही है। फरवरी 2011 में मलकानगिरी कलेक्टर विनिल कृष्णा के अपहरण में इसका लीड रोल था।

ऐसे ही 2004 में कोरापुट जिला मुख्यालय में पुलिस शस्त्रागार की लूट में भी इसकी मुख्य भूमिका थी । इसके अलावा पुलिस बल पर हमले के साथ कई पुलिस थानों पर हमले के अपराध भी इसके खिलाफ दर्ज हैं। यकीनन इसके समर्पण से नक्सली संगठन को काफी बड़ी क्षति हुई है और इससे पूछताछ में कई अहम खुलासों की उम्मीद भी।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम और वॉट्सएप पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।