Former Dantewada DEO Subhash Ganjir gets 4 years imprisonment
Former Dantewada DEO Subhash Ganjir gets 4 years imprisonment

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित IAS समीर बिश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति बिश्नोई की करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों को अटैच कर लिया है। विशेष न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद जांच एजेंसी ने इन संपत्तियों को आधिकारिक तौर पर जब्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।


छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एक कड़ा संदेश है। समीर बिश्नोई से पहले रानू साहू और सौम्या चौरसिया जैसी रसूखदार अधिकारियों की संपत्ति भी अटैच की जा चुकी है, जिससे यह साफ है कि प्रदेश में अवैध निवेश और बेनामी संपत्तियों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

बेनामी फर्मों के जरिए किया गया था निवेश
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि निलंबित IAS समीर बिश्नोई ने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध कमाई की और उसे सफेद करने के लिए अपनी पत्नी के नाम पर 3 से 4 फर्जी फर्में बनाई थीं। इन फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपयों का निवेश जमीनों और मकानों में किया गया।

एजेंसी ने पाया कि निवेश का बड़ा हिस्सा रिश्तेदारों और पत्नी के नाम पर रखा गया था ताकि सीधे तौर पर पकड़ा न जा सके। ईओडब्ल्यू ने पिछले दिनों कोर्ट में इन संपत्तियों को सीज करने का विस्तृत ब्योरा पेश किया था, जिस पर अब मुहर लग गई है।

जब्त संपत्तियों का विवरण
अटैच की गई संपत्तियों में छत्तीसगढ़ के प्राइम लोकेशन शामिल हैं। जांच टीम ने महासमुंद में स्थित 22 एकड़ की बड़ी कृषि भूमि को कुर्क किया है। इसके अलावा नया रायपुर की बेशकीमती जमीन और रायपुर के पॉश इलाके गायत्री नगर स्थित आलीशान मकान को भी सरकारी रिकॉर्ड में अटैच कर लिया गया है।

कुल अनुमानित कीमत: ₹15 से ₹20 करोड़ (बाजार मूल्य अधिक हो सकता है)।

अटैच संपत्तियां: महासमुंद में 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर का प्लॉट और गायत्री नगर का बंगला।
शामिल नाम: निलंबित IAS समीर बिश्नोई, उनकी पत्नी प्रीति बिश्नोई और कुछ करीबी रिश्तेदार।

संपत्ति अटैच होने के बाद अब इन संपत्तियों के हस्तांतरण या बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। कोर्ट में मामला साबित होने पर इन संपत्तियों को स्थायी रूप से राजसात (Government Confiscation) करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी मिसाल कायम होगी।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।