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Cyber ​​Fraud: SBI कस्टमर केयर बनकर दो रिटायर्ड कर्मचारी से 6.50 लाख की ठगी , बैंक डिटेल लेकर ऐसे उड़ाए खाते से रकम

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी के दो मामलों में रिटायर्ड कर्मचारियों से करीब 6.40 लाख रुपए की रकम निकाल ली गई। एक मामले में ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर रिटायर्ड रेलकर्मी से बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की। दूसरे मामले में पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर लिंक भेजा […]

Cyber ​​Fraud: SBI कस्टमर केयर बनकर दो रिटायर्ड कर्मचारी से 6.50 लाख की ठगी , बैंक डिटेल लेकर ऐसे उड़ाए खाते से रकम
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी के दो मामलों में रिटायर्ड कर्मचारियों से करीब 6.40 लाख रुपए की रकम निकाल ली गई। एक मामले में ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर रिटायर्ड रेलकर्मी से बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की। दूसरे मामले में पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर लिंक भेजा गया और बाद में एसबीआई कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर बैंक और एटीएम से जुड़ी जानकारी ले ली गई।

दोनों मामले तोरवा और सकरी थाना क्षेत्र के हैं। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर और उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई।

रिटायर्ड रेलकर्मी से 34 ट्रांजेक्शन में निकाले 2.83 लाख

शांति विहार निवासी जी. भीमाराव (60) रेलवे के रिटायर्ड सीनियर टेक्नीशियन हैं। 11 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की बात कही।

कॉलर के कहने पर भीमाराव मोबाइल पर बैंक से जुड़ी जानकारी दर्ज करते गए। इसके बाद उनके खाते से रकम ट्रांसफर होने लगी।

ठगों ने एक के बाद एक 34 ट्रांजेक्शन किए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 2 लाख 83 हजार रुपए निकाल लिए गए। मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के संदेश आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।

बैंक स्टेटमेंट लेकर थाने पहुंचे

ठगी की जानकारी मिलने के बाद भीमाराव ने बैंक से खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। इसके बाद उन्होंने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने पुलिस से उन बैंक खातों को तुरंत होल्ड या फ्रीज कराने की मांग की, जिनमें रकम भेजी गई थी। पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कर रही है।

पेंशन कार्ड के नाम पर भेजा लिंक, 3.56 लाख निकाले

दूसरा मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। मोहित गोड ने पुलिस को बताया कि 9 सितंबर को फेसबुक पर उन्हें ऑनलाइन रिटायर्ड पेंशन कार्ड बनवाने से जुड़ा एक लिंक मिला।

उन्होंने लिंक खोलकर बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी दर्ज कर दी। उसी रात एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। उसने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का कर्मचारी बताया।

आरोपी ने मोहित गोड से अकाउंट नंबर, नाम, मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी और पासवर्ड ले लिया। जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने उनके एसबीआई ज्वाइंट खाते से 3 लाख 56 हजार 298 रुपए निकाल लिए।

ठगी का पता चलने के बाद मोहित गोड ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद सकरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

दोनों मामलों में पुलिस कर रही जांच

बिलासपुर पुलिस दोनों मामलों में रकम के ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम किन खातों में गई और आरोपियों ने किन माध्यमों का इस्तेमाल किया।

इन मामलों में एक बार फिर यह सामने आया है कि अनजान कॉल, संदेश या लिंक के जरिए बैंक संबंधी जानकारी मांगने वालों से सावधान रहना जरूरी है। खासकर बैंक खाता, एटीएम कार्ड और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

ठगी होने पर तुरंत क्या करें?

अगर बैंक खाते से बिना अनुमति रकम निकल जाए तो देरी किए बिना बैंक को सूचना दें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। साथ ही संबंधित थाने में भी शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती समय में की गई शिकायत से रकम के ट्रांजेक्शन को रोकने की कोशिश में मदद मिल सकती है।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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