रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में इन दिनों सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा आगामी चुनावों की जमीन तैयार करने के लिए मैराथन बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने लगातार 9 घंटे तक चली लंबी मैराथन बैठक के जरिए पार्टी के भीतर गहराई से मंथन किया है।
प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर पूर्व दिग्गजों तक का मंथन
रायपुर के प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पार्टी संगठन के तमाम बड़े चेहरे शामिल रहे। इस दौरान प्रदेश महामंत्री, प्रदेश पदाधिकारी और संभाग व जिला प्रभारी मौजूद रहे।
पार्टी के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और विभिन्न निगम-मंडल, बोर्ड एवं आयोगों के अध्यक्षों ने भी शिरकत की। स्मृति ईरानी ने अलग-अलग समूहों के साथ सीधे संवाद कर जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों का फीडबैक लिया और संगठन की मौजूदा स्थिति पर खुलकर चर्चा की।
2028 में फिर सरकार बनाने का लक्ष्य
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आने वाले वर्षों की चुनावी रणनीति रहा। प्रदेश प्रभारी ने पूर्व सांसदों और विधायकों से सीधे सवाल किए कि साल 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने और अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। जनता के बीच पार्टी की सक्रियता और जनसंपर्क को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्रियों को लेकर भी पहुंचीं शिकायतें
इस मैराथन बैठक के दौरान एक बड़ी खबर यह भी सामने आई है कि कुछ मंत्रियों के कामकाज और कार्यशैली को लेकर शिकायतें सीधे प्रदेश प्रभारी तक पहुंची हैं। हालांकि, बैठकों की गोपनीयता के चलते इन शिकायतों की प्रकृति और संबंधित मंत्रियों के नामों का खुलासा आधिकारिक तौर पर नहीं किया गया है, लेकिन इस सुगबुगाहट से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक में यह भी साफ किया गया कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय होना बेहद जरूरी है।
एकजुट होकर सरकारी योजनाओं का करें प्रचार
बैठक के अंत में प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आपसी मतभेद भुलाकर पूरी एकजुटता के साथ काम करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया। संगठनात्मक समीक्षा और भविष्य की चुनावी तैयारियों के लिहाज से इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।



