रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर को संवारने के लिए चल रहे भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कड़े तेवर दिखाए हैं। शनिवार को मंदिर परिसर में ही विभागों और ठेकेदारों की लंबी मैराथन बैठक हुई, जिसमें डिप्टी सीएम ने दोटूक कह दिया कि अब काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

15-15 दिन की देनी होगी रिपोर्ट

दरअसल, बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अगले 15-15 दिनों में होने वाले कामों की लिखित टाइमलाइन सौंपें। गौरतलब है कि अब जिला स्तर पर एक निगरानी समिति बना दी गई है, जो हर सोमवार को मौके पर जाकर ईंट-ईंट का हिसाब लेगी।

फणी नागवंशी शैली में सजेंगे द्वार

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि कॉरिडोर का निर्माण ऐसा हो कि उसमें हमारी लोक संस्कृति और फणी नागवंशी इतिहास की झलक दिखे। उन्होंने कहा मंदिर के मुख्य द्वार और खंभों पर प्राचीन नक्काशी होगी। लकड़ी के दरवाजों पर भी पुरानी स्थापत्य शैली के डिजाइन उकेरे जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर के पेड़ों के पास ऊंचे चबूतरे बनाए जाएंगे।

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सरोवर और मड़वा महल का होगा कायाकल्प

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरोवर के सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा हुई। सरोवर के किनारे तकनीकी उत्कृष्टता के साथ सीढ़ियां और शेड बनाए जाएंगे ताकि लोग आराम से बैठ सकें। इसके अलावा मड़वा महल, छेरकी महल और सरोदा डैम में कैफेटेरिया व व्यू पॉइंट का निर्माण भी जल्द पूरा करने को कहा गया है।

पार्किंग और जनसुविधाओं पर जोर

डिप्टी सीएम ने कहा कि कॉरिडोर में आने वाले पर्यटकों के लिए पेयजल, साफ शौचालय और मजबूत पार्किंग फ्लोरिंग पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर ऐसी दुकानें बनाने के निर्देश दिए जिससे वाहनों की निकासी में जाम की स्थिति न बने।

भोरमदेव कॉरिडोर का काम पूरा होते ही कवर्धा न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। डिप्टी सीएम की इस सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में मंदिर परिसर का पूरा हुलिया बदल जाएगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।