रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। यह अभियान 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों से अब तक 78.55 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में राज्य के 18.94 लाख किसानों को लगभग 16,217 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक 62 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 51.69 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि 30 दिसम्बर को 28 हजार 644 किसानों से 1.17लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से लगभग 16 हजार टन धान की भी खरीदी हुई हैं। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 54 हजार टोकन तथा ”टोकन तुंहर हाथ एप” के जरिये लगभग 9 हजार 606 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

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गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2600 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।