Congress Will Reduce Wasteful Expenditure -पैमाने से ज्यादा खर्चे स्वयं उठाएंगे प्रदेश प्रभारी सचिव
Congress Will Reduce Wasteful Expenditure -पैमाने से ज्यादा खर्चे स्वयं उठाएंगे प्रदेश प्रभारी सचिव

विशेष संवादाता, रायपुर

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नया फरमान जारी कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी चाहते हैं कि राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों को मैदानी स्तर पर काम करना होगा। वह भी कांग्रेस के तय पैमाने से ज्यादा खर्चे आने पर स्वयं प्रदेश प्रभारी सचिव इसे वहां करेंगे। बाकायदा कांग्रेस पार्टी 14 सौ किमी का भाड़ा प्रभारियों को देगी।

इस आदेश के तहत छत्तीसगढ़ के प्रभारी सचिव चंंदन यादव, सप्तगिरी उल्का और विकास उपाध्याय दायरे में आएंगे। वहीं महासचिव के रूप में जो प्रभारी हैं जैसे कुमारी शैलजा को लेकर स्पष्टता नहीं है। वैसे बता दें कि अपने पहले दौरे में शैलजा ने लॉजिंग, बोर्डिंग का खर्च स्वयं वहन किया था। निर्धारित दूरी के लिए प्लेन की सबसे सस्ती टिकट दी जाएगी। चाय,खान-पान और दफ़्तर खर्चे भी कम करने के निर्देश दिए गए हैं।

मल्लिकार्जुन खडग़े के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से सभी राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों को फील्ड में जाकर काम करना होगा। अब लॉग बुक नहीं भर पाएंगे पदाधिकारी। ऐसे पदाधिकारियों से पहले खडग़े और फिर पीसीसी चीफ मोहन मरकाम कह चुके हैं कि काम नहीं कर पाए तो पद दूसरों के लिए छोड़ दें। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए खडग़े ने नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक राष्ट्रीय सचिवों को 15-20 दिन अपने राज्य में गुजारने होगे। इन सचिवों को 1400 किसी तक की यात्रा का रेल भाड़ा दिया जाएगा।

सांसद और महासचिव अपने ख़र्चे खुद करेंगे। महासचिव जो सांसद हैं उन्हें सरकारी सुविधाओं का उपयोग करने कहा गया है। इस कटौती के अलावा नेतृत्व ने ख़र्चों में कटौती करने के और सुझाव माँगे हैं। नेतृत्व का कहना है कि प्रभारी सचिव पार्टी कार्यालय से टूर एक्सपेंसेस ले लेते हैं और प्रभार वाले राज्य के नेताओं से पेमेंट करा लेते हैं। ऐसे कुछ मामलों के सामने आने के बाद ही खडग़े ने यह मैसेज भिजवाया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।