रायपुर। राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार तड़के बड़ा हादसा होने से टल गया। सुबह करीब 4 बजे रूम नंबर-8 की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही की आर रविवार होने के कारण रिकॉर्ड रूम में कोई नहीं था। वरना यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

हादसे के वक्त खाली था कमरा

रूम नंबर-8 को रिकॉर्ड रूम के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यहां कई विभागों की महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज रखे जाते हैं। दरअसल आज रविवार होने के कारण घटना के वक्त कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। खबरें यह भी हैं कि कुछ दिन पहले ही यहां काम कर रहे स्टाफ को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि महिला कर्मचारी अक्सर इसी कमरे में लंच करती थीं। अगर हादसा दिन के समय होता तो बड़ी जनहानि की आशंका थी।

फाइलें दब गईं मलबे में

छत गिरने से कमरे में रखी कई अहम फाइलें और अभिलेख मलबे और धूल में दब गए। इससे सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचने की आशंका है। चौकीदार ने छत गिरने की तेज आवाज सुनकर तुरंत मौके का वीडियो बनाया और अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।

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घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण शुरू किया। कर्मचारियों और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा को देखते हुए अब भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठने लगी है।

रायपुर कलेक्ट्रेट का यह भवन अंग्रेजों के जमाने में बना था। लंबे समय से इसकी स्थिति जर्जर बताई जा रही है। रूम नंबर-3, 4, 5, 6, 7, 9, 10 और 11 भी उसी हालत में हैं और किसी भी समय हादसा हो सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।