रायपुर। मोहन मरकाम को छत्तीसगढ़ का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है। वे कोंडागांव से दूसरी बार विधायक बने हैं। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी आदिवासी नेता को पीसीसी की कमान सौंपी गई है। इसके माध्यम से कांग्रेस की कोशिश यहां के आदिवासी जनाधार में सेंध लगाना है। तो वहीं दूसरी ओर बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में अपनी पकड़ को और मजबूत बनाना पार्टी का लक्ष्य है। इसी को लेकर ऐसा कदम उठाया गया है।

सीएम ने भी दिए थे संकेत:
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मोहन मरकाम के नाम को लेकर भी बातों ही बातों में संकेत दिया था। उसके बाद वे ही नामों की सूची लेकर दिल्ली गए थे। जहां से एआईसीसी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोहन मरकाम के नाम पर मोहर लगाई।
टीएस सिंहदेव ने दिलाया था भरोसा:
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी यही भरोसा दिलाया था कि इस बार पीसीसी का प्रदेश अध्यक्ष कोई आदिवासी नेता ही होगा। उनकी बात सच हुई और मोहन मरकाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया।

मोहन के बहाने बस्तर के जनाधार पर निशाना:
कांग्रेस के रणनीतिकारों की पूरी कोशिश है किे बस्तर में अपना जनाधार बढ़ाया जाए। तो वहीं जनाधार तभी बढ़ेगा जब उनका कोई नेता पार्टी के किसी बड़े पद पर होगा। तो वहीं भाजपा ने पहले ही आदिवासी नेता को कमान सौंपकर ये काम कर लिया थ। भाजपा को काउंटर करने के लिए कांग्रेस को ऐसा करना लाजिमी हो गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।