दंतेवाड़ा। प्रशासन की नोटिस का असर आदिवासियों पर नहीं हुआ है। वह आज भी हिरौली की 13 नंबर खदान की रोकने की मांग को लेकर NMDC के गेट पर बैठे हुए हैं । रात को टेंट को हटा लिया गया मगर आदिवासी अभी भी वहां भोजन बना रहे हैं। आदिवासियों का कहना है कि वे यहां तब तक डटे रहेंगे जब तक इस मामले का कोई फैसला नहीं हो जाता।

पहुंचने लगे हैंं पंच-सरपंच:

रात को अपने घरों की तरफ गए हुए सरपंच पंच भी अब धीरे-धीरे लौटने लगे हैं । इसके अलावा नगर निगम से पानी का टैंकर भी आ गया है । ऐसे में लगता है कि आदिवासी अभी भी टकराव के मूड में है ।

वहां मौजूद कुछ लोगों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यह लोग तब तक जमे रहेंगे जब तक कि इस मामले का कोई निराकरण नहीं हो जाता है । इसके अलावा प्रशासन ने भी रात 12:00 बजे तक का वक्त दिया था।

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जो अब लगभग समाप्त होने हो चुका है। ऐसे में देखना यह होगा अगर सुबह तक यह लोग एनएमडीसी के गेट को खाली नहीं करते तो क्या प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कदम उठाएगा?

टकराव के मूड में आदिवासी:

अगर प्रशासन ऐसा करता है तो पारंपरिक हथियारों से लैस आदिवासी और प्रशासन के बीच में टकराव की स्थिति निर्मित होती दिखाई दे रही है । फिलहाल इंतजार है सवेरे 11:00 बजे तक का ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन इनके ऊपर क्या कदम उठाता है? आदिवासी अपनी मांगों को लेकर एनएमडीसी के गेट पर डटे रहेंगे।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।