विधानसभा

रायपुर। बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को भुगतान का मामला मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोर-शोर से गरमाया। आपको बता दें कि टीआरपी समय-समय पर इस मुद्दे को उठाता आ रहा है।

वहीं आज मंगलवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के सवाल पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने जवाब देते हुए कहा- ब्लैक लिस्ट कंपनी को बकाया भुगतान करना अनुचित था। ये तथ्य जानकारी में आने के बाद हमने फिर से कंपनी को डिबार कर दिया है।

कृषि मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले की विधानसभा की कमेटी से जांच की मांग रखी। तब कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा- विधानसभा की कमेटी से जांच कराए जाने की जरूरत नहीं है। इस पर नेता प्रतिपक्ष की बात का समर्थन करते हुए कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- कल इसी सदन में मुख्यमंत्री ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार सजग है।

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एक साथ 15 अधिकारियों को कल सदन में निलंबित किया गया। इस प्रकरण में सब स्पष्ट है, फिर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही कराई जा सकती। तब खुद को घिरता देख कृषि मंत्री ने सदन की समिति से जांच पर अपनी सहमति जताई। तब फिर स्पीकर डॉक्टर चरण दास महंत ने विधानसभा की कमेटी से जांच कराने का एलान किया।

अमानक खाद-बीज, कीटनाशक पर घिरे कृषि मंत्री वहीं इससे पहले प्रश्नकाल में अमानक बीज, खाद, कीटनाशक का मामला भी उठा। बीजेपी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने प्रश्न करते हुए पूछा कि बिलासपुर संभाग में 2021-22 अवधि में जनवरी 2022 अमानक, बीज, खाद, कीटनाशक दवाई की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई है? जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा – अमानक खाद, बीज, कीटनाशक संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है?

कृषि मंत्री ने बताया कि बिलासपुर संभाग से बीज के 675, खाद के 908 एवं कीटनाशक दवाइयों के 119 नमूने लिए गए। इनमें से बीज के 642 खाद के 893 एवं कीटनाशक दवाइयों के 88 नमूनों की जांच प्रयोगशाला में हुई है। बीज के 35 नमूने संचालक उद्यानिकी के अंतर्गत प्रयोगशाला को जांच हेतु भेजे गए। इसमें से रासायनिक खाद के 38 नमूने, बीज के 14 नमूने एवं कीटनाशक दवाई के 2 नमूने अमानक पाए गए।

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अमानक पाए गए नमूनों पर उर्वरक नियंत्रण अधिनियम के तहत संबंधित कंपनी और विक्रेता के विरुद्ध विक्रय प्रतिबंध एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही की गई है। उद्यानिकी की फसलों के बीज नमूनों की जांच परिणाम प्राप्त होने अभी बाकी हैं। मंत्री ने कहा, जानकारी विस्तृत मांगी गई है, कहीं कोई शिकायत हो तो उसे दिखवाने की बात कही।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।