छत्तीसगढ़ में ठंड की दस्तक! दिसंबर महीने में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, जानिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी

Mausam (India Weather Update): सर्दियों ने पूरे देश में ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश का पचमढ़ी 1.0°C तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा, जो मनाली, शिमला और देहरादून जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा है। दक्षिण भारत में अब भी बारिश का दौर जारी है, जिससे वहां भी ठंड का असर तेज हो गया है।

देशभर में क्रिसमस के आसपास ठंड अपने चरम पर पहुंचने वाली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में बढ़ती ठंडक के चलते जनवरी के अंत तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। इस बार सर्दी का असर सामान्य से अधिक और लंबे समय तक रहने की संभावना है। श्रीनगर में तापमान -3.4ºC दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के फरीदकोट में 1.0ºC दर्ज हुआ।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिसमस से सर्दी का पीक शुरू होगा। हवा में ठंडक (विंड चिल फैक्टर) के कारण जनवरी के अंत तक कड़ाके की सर्दी बनी रहेगी। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि इस सीजन में 45 दिन तक कड़ाके की सर्दी रह सकती है। नवंबर में 36 साल बाद इतनी तीव्र सर्दी दर्ज की गई थी। इसका मुख्य कारण ‘जेट स्ट्रीम’ नामक तेज हवाएं हैं, जो उत्तर भारत में सर्दी को और बढ़ा रही हैं।

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दिल्ली: अगले दो दिन तक घने कोहरे का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में रविवार को न्यूनतम तापमान 4.9ºC दर्ज किया गया। सफदरजंग और पालम क्षेत्रों में पारा तेजी से गिरा। मौसम विभाग ने 16 और 17 दिसंबर को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की चेतावनी दी है। विजिबिलिटी में भारी कमी आने की संभावना है, जिससे ट्रैफिक और रेल संचालन पर असर पड़ेगा।

बिहार: कई जिलो में पारा 5 डिग्री से कम

बिहार में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छा रहा है। विजिबिलिटी कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में शीतलहर तेज होने की चेतावनी दी है। खासतौर पर उत्तर बिहार के क्षेत्रों में पाला पड़ने की संभावना है।

यूपी में घना कोहरा और ठंड बढ़ी

उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में सुबह के वक्त तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे यातायात बाधित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड और कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

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राजस्थान में कोल्ड वेव का अलर्ट

राजस्थान में शीतलहर का असर तेज होता जा रहा है। जयपुर, सीकर और चूरू जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। राज्य के कई इलाकों में पारा 3 डिग्री तक गिर चुका है। फतेहपुर और माउंट आबू में सबसे ज्यादा ठंड महसूस की जा रही है। अगले 48 घंटे में तापमान में और गिरावट का अनुमान है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मध्यप्रदेश में पचमढ़ी सबसे सर्द

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। पचमढ़ी में तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी सर्दी का असर तेज हो गया है। कोहरा सुबह के वक्त यातायात को प्रभावित कर रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, विंड चिल फैक्टर के कारण अगले कुछ दिनों तक ठंड और बढ़ सकती है।

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छत्तीसगढ़ में गिरा तापमान

छत्तीसगढ़ में भी ठंड बढ़ने लगी है। राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे इलाकों में भी सर्दी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में आने वाले दिनों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ सकता है। खासतौर पर उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड अधिक महसूस की जा रही है।

कश्मीर में बर्फबारी और शीतलहर

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के चलते ठंड अपने चरम पर है। श्रीनगर में तापमान -3.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बारामूला और गुलमर्ग में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे सड़कों पर बर्फ जम गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद यहां टूरिस्ट्स की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान और गिरने की संभावना जताई है। बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर बढ़ा दिया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।