टीआरपी। Rajim fair : पिछले दिनों बालोद जिले में आयोजित सबसे बड़े आयोजन जम्बूरी में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किए जाने की संभावना जताई गई थी। इसका कारण टेंडर के स्वीकृत हुए बिना ही किराया भंडार के टैंट, शौचालय का निर्माण किया जाना रहा। टीआरपी ने जब घोटाला होने का अंदेशा जताने संबंधी समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद आनन-फानन में टेंडर आमंत्रित किया गया। अब, यही कहानी प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन राजिम मेला में दोहराई जा रही है। अल्प काल में टेंडर जारी करके राजिम मेला आयोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। राजिम मेला के टेंडर में भी भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। क्योंकि केवल सात दिनों में सात करोड़ का टेंडर जारी करने की औपचारिकता निभाई गई है।

मात्र पांच दिनों में टेंडर प्रक्रिया

गौरतलब है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 का आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी तक किया जा रहा है। आयोजन की तैयारी के लिए 7 जनवरी को टेंडर का प्रकाशन किया गया। जबकि, 8 जनवरी को प्री-बिड बैठक हुई। 9 जनवरी को ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तिथि थी। 10 जनवरी को टेंडर बंद कर दिया गया। नियमों के तहत किसी भी टेंडर की प्रक्रिया के लिए 21 दिन का नियम पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी हड़बड़ी आखिर क्यों की गई। इससे संदेह पैदा होता है कि क्या पहले से तय एजेंसियों के पक्ष में टेंडर देने के लिए यह कदम उठाया गया।

जम्बूरी की तरह निकाला जल्दबाजी में टेंडर

इस संबंध में आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ की प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ का कहना है कि राजिम मेले का आयोजन पारदर्शी तरीके से न करना किसी बड़े भ्रष्टाचार की संभावना को जन्म दे रहा है। बालोद के जम्बूरी आयोजन में जिस तरह की अनियमितता बरती गई थी। बिना टेंडर निकाले अपने करीबियों को टेंडर दे दिया गया था। लेकिन, कार्यक्रम शुरू होने से 6 दिन पूर्व तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नही की गई। अपने चहेतो को काम आबंटित कर दिया गया।

सात करोड़ का टेंडर पांच दिनों में, नियम 21 दिन का

बालोद में हुए जम्बूरी आयोजन की तर्ज पर राजिम मेले के आयोजन में केवल पांच दिनो में 7 करोड़ के टेंडर अपने करीबियों को देने के लिए औपचारिकता पूरी की गई। जबकि नियम के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया कम से कम 21 दिनों की है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि राजिम मेले के टेंडर में बडा भ्रष्टाचार होने की आशंका है। सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में गरियाबंद कलेक्टर व संस्कृति विभाग की संलिप्तता नजर आ रही है ।
गड़बड़ी की हो जांच

 आम आदमी पार्टी के युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष इमरान खान का कहना है कि राजिम मेले के पुनीत कार्य पर भी भाजपा कमीशन खाना चाहती है। हम ऐसा होने नही देंगे। इस पूरी गड़बड़ी की जांच होनी चाहिए । इस मामले में संज्ञान नही लिया जाता तो  आम आदमी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। मंगलवार को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल के नेतृत्व में गरियाबंद जिले में इस प्रक्रिया में हुई धांधली को उजागर किया जाएगा। 

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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