Youth Congress office-bearers suspended: भारतीय युवा कांग्रेस ने बीते एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ में शामिल नहीं होने पर तीन राज्यों के अपने 83 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
संगठन की ओर से की गई कार्रवाई के तहत मध्य प्रदेश के 60, हरियाणा के 10 और हिमाचल प्रदेश के 13 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए पदाधिकारियों में प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के नेता शामिल हैं। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है।
बयान के अनुसार, एक नवंबर, 2026 को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी विरोधी रैली’ से अनुपस्थित रहने के कारण संगठनात्मक अनुशासनहीनता का मामला सामने आया था। बयान में कहा गया है कि इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली में शामिल नहीं होने वाले छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। एआईसीसी ने रैली से गैरहाजिर रहने वाले पदाधिकारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे नेताओं को निलंबित भी किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश में भी इंडिया गठबंधन की महारैली में शामिल नहीं होने वाले 68 कांग्रेस नेताओं को निलंबित किया गया है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई की तैयारी है। एआईसीसी ने जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित महारैली में अनिवार्य रूप से शामिल होने की हिदायत दी थी।
बताया गया कि प्रदेश से बड़ी संख्या में पदाधिकारी रैली में शामिल होने दिल्ली गए थे। इसके लिए बसों की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के कई पदाधिकारी रैली में नहीं पहुंचे। इस मामले में एआईसीसी के प्रभारी महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने जूम मीटिंग के जरिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से चर्चा की। बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत और तीनों प्रभारी सचिव भी शामिल हुए।
जूम मीटिंग में प्रदेश के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। मंडल स्तर पर वोट चोरी को लेकर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों को जवाब तलब करने पर चर्चा हुई है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू के मुताबिक गैर हाजिर रहने वाले पदाधिकारियों की जानकारी ली जा रही है। उन पर कार्रवाई को लेकर पार्टी फैसला लेगी। चर्चा है कि दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी रैली में हिस्सा लेने दिल्ली नहीं गए। इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। बहरहाल, रैली में गैरहाजिर रहने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी के सख्त रूख से हडक़ंप मचा हुआ है।



