teacher pocso case saja
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Court sentences teacher in a POCSO case: शासकीय स्कूल की मासूम बच्चियों के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करने वाले शिक्षक को न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट गिर्जेश प्रताप सिंह ने आरोपी शिक्षक को 6 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। यह कार्रवाई महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई है।

जानकारी के अनुसार मामला थाना पलारी क्षेत्र का है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक तिलक राम वर्मा पिता मोतीलाल वर्मा, 55 वर्ष, निवासी ग्राम सरसेनी थाना सुहेला, हाल बघेल कॉलोनी पलारी, स्कूल की नाबालिग छात्राओं को बुरी नीयत से छूकर अश्लील हरकत करता था।

10 फरवरी 2025 को पीड़ित छात्र ने थाना पलारी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने धारा 74, 75(1) BNS और पॉक्सो एक्ट की धारा 8, 9(f) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी 2025 को ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया, पीड़िताओं और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िताओं के धारा 183 BNSS के तहत बयान कराए गए। बाद में प्रकरण में SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) भी जोड़ी गई। उम्र की पुष्टि के लिए स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर जब्त किया गया।

विवेचना अधिकारी ASI राजेश सेन, थाना पलारी ने 5 मई 2025 को न्यायालय में चार्जशीट पेश की। विशेष लोक अभियोजक द्वारा महत्वपूर्ण गवाहों, मेडिकल सबूतों और विवेचक के परीक्षण से अभियोजन पक्ष मजबूत हुआ।

पीड़ित बच्चियों के बयान बने अहम सबूत

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी 2025 को ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया, पीड़िताओं और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िताओं के धारा 183 BNSS के तहत बयान कराए गए। बाद में प्रकरण में SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) भी जोड़ी गई। उम्र की पुष्टि के लिए स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर जब्त किया गया।

विवेचना अधिकारी ASI राजेश सेन, थाना पलारी ने 5 मई 2025 को न्यायालय में चार्जशीट पेश की। विशेष लोक अभियोजक द्वारा महत्वपूर्ण गवाहों, मेडिकल सबूतों और विवेचक के परीक्षण से अभियोजन पक्ष मजबूत हुआ।

कोर्ट ने सुनाई ये सजा

30 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो गिर्जेश प्रताप सिंह ने पुख्ता सबूतों और पीड़ित बच्चियों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।

  • धारा 74 BNS (09 बार): 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना, कुल 4500 रुपये। जुर्माना न देने पर 1 माह अतिरिक्त सजा।
  • धारा 09(f)/10 पॉक्सो एक्ट (09 बार): 6-6 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000-1000 रुपये जुर्माना, कुल 9000 रुपये। जुर्माना न देने पर 3 माह अतिरिक्त सजा।

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

FAQ: बलौदाबाजार शिक्षक सजा केस

Q1. बलौदाबाजार के शिक्षक को किस अपराध में सजा हुई है?
आरोपी तिलक राम वर्मा, जो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पलारी में पदस्थ था, ने स्कूल की 9 नाबालिग छात्राओं के साथ बुरी नीयत से छूकर अश्लील हरकत और छेड़छाड़ की थी। इस पर पॉक्सो एक्ट और BNS के तहत केस दर्ज हुआ था।

Q2. कोर्ट ने क्या सजा सुनाई है?
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो गिर्जेश प्रताप सिंह ने 30 अक्टूबर को फैसला सुनाया – धारा 74 BNS में 2 साल और धारा 9(f)/10 पॉक्सो में 6 साल का सश्रम कारावास। साथ ही कुल 13,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए आरोपी को अधिकतम 6 साल जेल में रहना होगा।

Q3. मामला कब और कैसे सामने आया?
10 फरवरी 2025 को प्रार्थिया ने थाना पलारी में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि शिक्षक बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करता है। उसी दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

Q4. पुलिस ने जांच में क्या सबूत जुटाए?
ASI राजेश सेन ने घटनास्थल का नक्शा, पीड़ित बच्चियों और गवाहों के बयान, धारा 183 BNSS के तहत बयान, स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर और SC/ST एक्ट की धारा जोड़ी।