Director of private school arrested: भिलाई स्थित एक निजी स्कूल के डायरेक्टर के खिलाफ दो छात्राओं द्वारा बैड टच का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी तरफ, डायरेक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक सड़क पर उतर आए और खुर्सीपार थाने का घेराव कर जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की।
स्कूल की दो छात्राओं ने खुर्सीपार थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि डायरेक्टर उनके साथ अशोभनीय व्यवहार करते हैं तथा फीस न देने पर अनुचित बातें कहते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर डायरेक्टर को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रबंधन और छात्रों का दावा – झूठे आरोप में फंसाया गया
डायरेक्टर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही स्कूल के बच्चे यूनिफॉर्म पहनकर परिजनों और स्टाफ के साथ थाने पहुँच गए और हाथों में तख्तियां लेकर डायरेक्टर को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग की। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि दोनों छात्राएं RTE के तहत नामांकित थीं और स्कूल नियमित नहीं आती थीं। उनकी पढ़ाई न करने और पिछले काफी समय से बस की फीस पेंडिंग होने को लेकर जब टोकते हुए डांट लगाई गई, तो उन्होंने दुर्भावनापूर्ण तरीके से यह झूठा आरोप लगाया है। प्रबंधन ने पुलिस के समक्ष उपस्थिति रजिस्टर भी प्रस्तुत किया।
बारिश तक चला हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति
घेराव व तनाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। बाद में बारिश शुरू होने के चलते प्रदर्शनकारी थाने के सामने से हटे।
फिलहाल एक ओर छात्र डायरेक्टर के समर्थन में खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. भिलाई में निजी स्कूल डायरेक्टर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
दो छात्राओं द्वारा बैड टच और अशोभनीय व्यवहार की शिकायत पर खुर्सीपार पुलिस ने POCSO एक्ट में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया।
Q2. गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
समर्थन में स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक और परिजनों ने खुर्सीपार थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया और डायरेक्टर को निर्दोष बताया।
Q3. स्कूल प्रबंधन का क्या कहना है?
प्रबंधन का दावा है कि दोनों छात्राएं RTE के तहत हैं, नियमित नहीं आतीं और फीस व पढ़ाई को लेकर डांटने पर झूठा आरोप लगाया गया है।
Q4. पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस ने कहा है कि प्राथमिकी के आधार पर वैधानिक प्रक्रिया का पालन हो रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।



