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Bilaspur: रेत चोरी के मामले में पहली बार जेल की सजा, ट्रैक्टर मालिक और चालक को 1-1 वर्ष का कारावास, कोर्ट ने क्या कहा..?

Jail sentence in Sand Theft: प्रदेश भर में अवैध रेत खनन करने वालों के लिए बड़ा झटका है। पहली बार कोर्ट ने रेत चोरों को जेल भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज एक्ट सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने ट्रैक्टर मालिक और चालक दोनों को 1-1 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। […]

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तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Jail sentence in Sand Theft: प्रदेश भर में अवैध रेत खनन करने वालों के लिए बड़ा झटका है। पहली बार कोर्ट ने रेत चोरों को जेल भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज एक्ट सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने ट्रैक्टर मालिक और चालक दोनों को 1-1 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 26-26 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका गया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी की और कहा कि नदी से बिना रॉयल्टी और परमिशन के रेत निकालना केवल खनिज नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि चोरी का अपराध है। इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता है, जल प्रवाह रुकता है, तटों का क्षरण होता है और पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है।

कैसे पकड़ा गया ट्रैक्टर?

मामला ग्राम खैरा डगनिया के पास नदी का है। 16 अक्टूबर 2025 की सुबह 8:40 बजे खनिज विभाग की टीम ने औचक छापा मारा। मौके पर ट्रैक्टर क्रमांक CG 10 AK 0553 पकड़ा गया, ट्रॉली में रेत भरी थी। चालक अमर कुमार केंवट के पास रॉयल्टी पर्ची, परिवहन पास कोई दस्तावेज नहीं था। जांच में ट्रैक्टर जलेश्वर कश्यप के नाम पर निकला। ट्रॉली में करीब 3 घन मीटर रेत थी।

ट्रैक्टर वापस मिलेगा, रेत राजसात होगी

कोर्ट ने कहा कि यदि तय समय में अपील नहीं होती है तो जब्त ट्रैक्टर मालिक जलेश्वर कश्यप को वापस कर दिया जाएगा, लेकिन ट्रैक्टर में भरी रेत को राज्य सरकार के पक्ष में राजसात किया जाएगा और उसकी राशि कोषालय में जमा होगी। अगर अपील होती है तो अपीलीय कोर्ट के आदेश के अनुसार फैसला होगा।

जिले में अवैध रेट घाटों का खेल जारी

बिलासपुर में अमलडीहा, उदईबंद, सोढ़ाखुर्द और करहीकछार ही वैध घाट हैं, और आदेश के मुताबिक फिलहाल वहां भी खनन बंद है। उदईबंद और कछार में 15 अक्टूबर के बाद खनन शुरू होगा। बावजूद इसके रोजाना 15 से 20 अवैध घाटों से रेत चोरी जारी है। शहर में भारी वाहनों पर सुबह 6 से रात 11 बजे तक प्रतिबंध के बावजूद मंगला, मोपका, देवरीखुर्द, सरकंडा-अशोक नगर से बिरकोना तक रेत भरे ट्रक दिनभर दौड़ रहे हैं।

प्रदेश भर में चल रही है अवैध रेत की खुदाई

रेत के अवैध खनन का मामला केवल बिलासपुर जिले का नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद यह कृत्य निर्बाध गति से चलता रहता है। खनिज विभाग चाहे कितनी भी कार्रवाई कर ले, रेत का अवैध तरीके से खनन नहीं रुकता है। बारिश के दिनों को छोड़कर रेत की खुलेआम खुदाई होती है, और औपचारिकता के तौर पर इक्का-दुक्का वाहनों पर कार्रवाई होती है।

जेल की सजा रेत चोरों के लिए सबक

बिलासपुर जिले में जिस तरह कोर्ट ने रेत चोरी के मामले में दो लोगों को जेल की सजा सुनाई है, उससे रेत का अवैध कारोबार करने वालों को ही नहीं, बल्कि खनिज विभाग से जुड़े अफसरों को भी सबक लेने की जरुरत है। रेत चोरी से नदियों का स्वरुप बदलता है, हादसे होते हैं और पर्यावरण प्रभावित होता है। इसके बेतहाशा अवैध उत्खनन को रोकने की जरुरत है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. बिलासपुर में रेत चोरी में किसे सजा हुई?
ट्रैक्टर मालिक जलेश्वर कश्यप और चालक अमर कुमार केंवट को।

Q2. कितनी सजा और जुर्माना लगा?
1-1 साल कठोर कारावास और 26-26 हजार रुपए अर्थदंड।

Q3. कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा नदी से अवैध रेत निकालना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि चोरी का अपराध है, जिससे पर्यावरण और नदी के स्वरूप को नुकसान होता है।

Q4. ट्रैक्टर कहां पकड़ा गया था?
ग्राम खैरा डगनिया के पास नदी में, 16 अक्टूबर 2025 को सुबह 8:40 बजे, ट्रैक्टर CG 10 AK 0553।

Q5. जब्त रेत और ट्रैक्टर का क्या होगा?
रेत राजसात कर सरकारी खजाने में जमा होगी, ट्रैक्टर अपील अवधि के बाद मालिक को वापस मिलेगा।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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