Bear Released Near Village: जिले में वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बस्ती से महज 500 मीटर दूर भालू छोड़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। विरोधस्वरूप ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय डौंडी के सामने धरना दे दिया।
दरअसल जिले के रानीमाई जंगल से रेस्क्यू किया गया अस्वस्थ भालू रायपुर जंगल सफारी में इलाज के बाद स्वस्थ हो गया था। सोमवार रात वन अमले ने उसे डौंडी परिक्षेत्र के ग्राम मरदेल के पास बस्ती से करीब 500 मीटर दूर छोड़ दिया। तब से ग्रामीण खौफ में हैं।
रेंजर को हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2026 को शिकायत पत्र दिया था, कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को हटाने और पूरी कार्यप्रणाली की जांच की है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ऐसे में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
5 साल से घर में पड़ा सीमेंट, किराया भी नहीं
धरने में ग्रामीणों ने दूसरा मुद्दा भी उठाया – ग्राम नर्रालगुड़ा के डोमन रावटे के घर पर वन विभाग ने 5 साल से सीमेंट रख रखा है, जो खराब हो चुका है, न हटाया जा रहा है न किराया दिया जा रहा है। इस प्रदर्शन के चलते वन विभाग ने आनन फानन में ग्रामीण को निर्धारित किराया सौंपा।
डीएफओ ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस पूरे धरना प्रदर्शन में जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने ग्रामीणों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को धरना स्थल पर ही फोन के माध्यम से DFO बालोद को अवगत करवाया गया। बातचीत के दौरान DFO ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।
धरने में पूर्व विधायक जनक राम ठाकुर, सर्व आदिवासी समाज युवा जिला अध्यक्ष ललित कावरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बालोद में भालू कहां छोड़ा गया?
डौंडी वन परिक्षेत्र के ग्राम मरदेल में बस्ती से 500 मीटर की दूरी पर।
Q2. भालू कहां से लाया गया था?
रानीमाई जंगल से रेस्क्यू कर रायपुर जंगल सफारी में इलाज के बाद।
Q3. ग्रामीणों ने धरना क्यों दिया?
बस्ती के पास भालू छोड़ने, रेंजर की कार्यप्रणाली और 5 साल से घर में रखे सीमेंट को लेकर, 22 सितंबर की शिकायत पर कार्रवाई न होने से।
Q4. ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?
भालू मामले की जांच और डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को पद से हटाने की मांग।
Q5. DFO ने क्या आश्वासन दिया?
DFO बालोद ने फोन पर सभी बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया।



